डोमिनोज, पिज्जा हट और केएफसी के आउटलेट के साथ मिलेगा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद, पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग और पार्किंग की भी होगी सुविधा
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में पर्यटन सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में पहल की जा रही है। प्रदेश के प्रमुख हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों को अब रास्ते में ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल रायपुर-जगदलपुर, रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर हाईटेक यात्री सुविधा केंद्र विकसित करेगा। यहां खानपान, ईंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और स्वच्छ शौचालय सहित कई सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी।
हाईवे पर सफर के दौरान शहर जैसी सुविधाएं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख राजमार्गों पर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को जल्द ही सुविधाजनक पड़ाव मिल सकते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने हाईवे पर वे-साइड एमिनिटीज सेंटर विकसित करने की योजना बनाई है। इन केंद्रों में यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खानपान से लेकर वाहन पार्किंग और ईंधन तक की व्यवस्थाएं की जाएंगी।
योजना के तहत रायपुर-जगदलपुर, रायपुर-बिलासपुर और बिलासपुर-कोरबा जैसे प्रमुख मार्गों पर उपयुक्त जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। ऐसे स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां हाईवे से सीधा पहुंच मार्ग हो और पर्याप्त जगह उपलब्ध हो। केंद्रों का चयन इस तरह करने की योजना है कि दो शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को जरूरत के समय आसानी से ठहरने की सुविधा मिल सके।
नामी फूड ब्रांड के साथ स्थानीय व्यंजनों की भी रहेगी धूम
इन यात्री सुविधा केंद्रों में फूड कोर्ट विशेष आकर्षण होगा। यहां डोमिनोज, पिज्जा हट और केएफसी जैसे लोकप्रिय ब्रांड के आउटलेट लाने की योजना है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खानपान को भी प्रमुखता दी जाएगी।
स्थानीय व्यंजनों के स्टॉल पर चीला, फरा, ठेठरी, खुरमी, चौसेला, बोरे-बासी, देहरौरी और अंगाकर रोटी जैसे पकवान उपलब्ध कराने की योजना है। इससे दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटकों को छत्तीसगढ़ की खानपान परंपरा से परिचित होने का अवसर मिलेगा। स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय खाद्य कारोबारियों के लिए भी संभावनाएं बन सकती हैं।
पेट्रोल पंप से लेकर ईवी चार्जिंग तक की सुविधा
बढ़ती वाहन संख्या और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को ध्यान में रखते हुए केंद्रों में पेट्रोल पंप और ईवी चार्जिंग स्टेशन भी प्रस्तावित हैं। इससे लंबी दूरी तय करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को रास्ते में चार्जिंग के लिए उपयुक्त ठिकाना मिल सकेगा।
इसके अलावा कार, बस और भारी वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए स्वच्छ शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि यात्रियों को अलग-अलग जरूरतों के लिए बार-बार दूसरे स्थानों पर न जाना पड़े।
पीपीपी मॉडल पर होगा निर्माण और संचालन
पर्यटन मंडल इस योजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत पर्यटन मंडल जमीन और सुविधाओं से संबंधित मानक तय करेगा, जबकि चयनित निजी भागीदार निवेश कर केंद्रों का निर्माण और निर्धारित अवधि तक संचालन करेगा।
जमीन का चयन पूरा होने के बाद निजी भागीदारों के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से अपनाई जाएगी। फिलहाल योजना के क्रियान्वयन से जुड़े नियम और शर्तें तैयार की जा रही हैं।