बिश्नोई गैंग के नाम पर कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को धमकी का मामला; दिल्ली क्राइम ब्रांच की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची
रायपुर में 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और गैंग के नाम से धमकी देने के मामले में पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू कर दी है। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित धमकी दिए जाने के मामले में पुलिस ने शोएब ढेबर को हिरासत में लिया है। एक सिक्योरिटी गार्ड की गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आए सुरागों के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
रायपुर। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से धमकाकर 25 करोड़ रुपए मांगने के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। पुलिस ने शनिवार देर रात शोएब ढेबर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके अलावा टीनू भारद्वाज और एक होटल के तीन कर्मचारियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
मामले की शुरुआती जांच में पुलिस ने जांजगीर-चांपा के एक युवक को गिरफ्तार किया था। युवक होटल में सिक्योरिटी गार्ड बताया जा रहा है। आरोप है कि उसी के माध्यम से आनंद कुकरेजा को फोन कर बिश्नोई गैंग के नाम से धमकी दी गई और 25 करोड़ रुपए की मांग की गई।
व्हाट्सऐप ट्रेसिंग से मिला सुराग
पुलिस ने दिल्ली क्राइम ब्रांच की मदद से व्हाट्सऐप से जुड़े सुरागों की जांच की। इसके बाद जांजगीर-चांपा निवासी युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर जांच की दिशा शोएब ढेबर तक पहुंची।
पुलिस को आशंका है कि धमकी देने के लिए इंटरनेट कॉल का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि इंटरनेट कॉल के लिए शोएब ढेबर की ओर से हॉटस्पॉट उपलब्ध कराया गया था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कार्यक्रम से थाने ले गई पुलिस
पुलिस ने शनिवार रात शोएब ढेबर को मेमन समाज के कार्यक्रम से पूछताछ के लिए अपने साथ लिया। इसके बाद उसे तेलीबांधा थाने लाया गया। पुलिस अधिकारी उससे कॉलिंग व्यवस्था, संपर्क में रहे लोगों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर जानकारी ले रहे हैं।
जांच के दौरान टीनू भारद्वाज और होटल के तीन कर्मचारियों को भी पूछताछ के दायरे में लाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने की योजना में किसकी क्या भूमिका थी और 25 करोड़ रुपए की मांग के पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
पुराने रंगदारी मामले की भी पड़ताल
पुलिस इस मामले की कड़ियों को पहले सामने आए एक अन्य रंगदारी प्रकरण से भी जोड़कर देख रही है। पूर्व महापौर एजाज ढेबर से बिश्नोई गैंग और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपए मांगने का मामला पहले दर्ज हो चुका है। इस मामले में कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।
अब पुलिस दोनों घटनाओं के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर रही है। फिलहाल पूछताछ का दौर जारी है और पुलिस यह स्पष्ट करने में जुटी है कि आनंद कुकरेजा को मिली धमकी के पीछे वास्तविक रूप से कौन लोग शामिल थे।