मंदिर हसौद के उमरिया धान मंडी के पास खड़े वाहन में मिले मृत मवेशी, दो आरोपी गिरफ्तार, चालक समेत अन्य फरार
रायपुर के मंदिर हसौद इलाके में मवेशियों के अवैध परिवहन का मामला सामने आया है। उमरिया धान मंडी के पास खड़े आयशर वाहन में 12 भैंसें मृत मिलीं। पुलिस के मुताबिक वाहन में मवेशियों के लिए हवा, पानी और चारे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को देखकर चालक और उसके साथी भाग निकले, जबकि मौके पर मिले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस को मवेशियों को अवैध रूप से कत्लखाने ले जाने की आशंका है, जिसकी जांच की जा रही है।
रायपुर। मंदिर हसौद क्षेत्र में मवेशियों को अमानवीय तरीके से वाहन में भरकर ले जाने के दौरान 12 भैंसों की मौत हो गई। उमरिया धान मंडी के पास खड़े आयशर वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को अंदर मृत मवेशी मिले। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वाहन चालक और अन्य सहयोगी फरार हो गए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम उमरिया धान मंडी के पास आयशर वाहन क्रमांक MP 07 GA 9910 में बड़ी संख्या में भैंसों को भरकर ले जाया जा रहा है। इसके बाद मंदिर हसौद पुलिस शिकायतकर्ता हरि साहू निवासी रामसागर पारा, गुढ़ियारी और उनके साथियों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही चालक और उसके साथ मौजूद कुछ लोग भाग गए। वाहन की जांच करने पर उसमें 12 भैंसें मृत अवस्था में पाई गईं।
पुलिस ने मौके पर मौजूद वीरू धृतलहरे और पप्पू उर्फ मनोज बघेल को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में वाहन के भीतर मवेशियों के लिए पर्याप्त हवा, पानी और चारे की व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि भैंसों को अवैध रूप से कत्लखाने ले जाया जा रहा था।
कई कानूनों के तहत दर्ज किया मामला
हरि साहू की शिकायत पर मंदिर हसौद थाने में अपराध क्रमांक 480/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, छत्तीसगढ़ पशु परिवहन अधिनियम, मोटर व्हीकल एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पोस्टमार्टम के बाद जांच आगे बढ़ी
पुलिस ने मृत भैंसों का पंचनामा तैयार कर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम कराया है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मवेशियों को कहां से लाया गया था और उन्हें किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। परिवहन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।