अमित शाह पर टिप्पणी को लेकर 2018 में दर्ज हुआ था मुकदमा, साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने सुनाया फैसला
सुल्तानपुर (ए)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत से राहत मिली है। सोमवार को अदालत ने उन्हें मामले में बरी कर दिया। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने अगस्त 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने मई 2018 में बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
शिकायत के अनुसार, राहुल गांधी ने कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हत्या का आरोप है। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
राहुल गांधी सोमवार सुबह करीब 11.12 बजे सुल्तानपुर की विशेष अदालत पहुंचे और कुछ देर बाद कोर्ट रूम में दाखिल हुए। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया। राहुल के अधिवक्ता काशी शुक्ला के मुताबिक, अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका। इसी आधार पर अदालत ने राहुल गांधी को बरी किया।
फैसले की खबर सामने आते ही अदालत परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की धुन पर जश्न मनाया, आतिशबाजी की और राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए। कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि राहुल गांधी झूठे मुकदमों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने न्यायपालिका के प्रति आभार भी जताया।
इससे पहले सोमवार सुबह पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राहुल गांधी के काफिले की पांच गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इनमें एक एंबुलेंस भी शामिल थी। हालांकि, इस घटना में राहुल गांधी सुरक्षित रहे।