भाजपा प्रदेश कार्यालय में संगठन की मजबूती पर मंथन, कोर ग्रुप और विचार परिवार के पदाधिकारियों से भी करेंगी चर्चा
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी के दौरे के दूसरे दिन सोमवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ। पार्टी के विधायकों के साथ बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की जा रही है। प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी बैठक में मौजूद हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, विधायकों के साथ बैठक के बाद सुबह 11:30 बजे से भाजपा सांसदों के साथ चर्चा रखी गई है। दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 3 बजे कोर ग्रुप की बैठक और शाम 4:30 बजे विचार परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के साथ संवाद का कार्यक्रम है।
मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दौरे के पहले दिन हुई चर्चाओं में कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर शिकायतें सामने आने की जानकारी मिली थी। हालांकि, शिकायतों के विषय और संबंधित मंत्रियों के नाम सार्वजनिक नहीं हुए हैं। ऐसे में सोमवार की बैठक में सरकार के कामकाज और संगठन के साथ समन्वय को लेकर चर्चा पर सबकी नजर रहेगी।
विधायकों के साथ बैठक में शामिल होने के लिए राजेश मूणत, गोमती साय, दीपेश साहू, भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अजय चंद्राकर और पुन्नूलाल मोहले सहित कई नेता प्रदेश कार्यालय पहुंचे। रेणुका सिंह समेत अन्य भाजपा नेताओं की भी मौजूदगी रही।
पहले दिन नौ घंटे तक चला बैठकों का दौर
स्मृति ईरानी ने रविवार को दौरे के पहले दिन करीब नौ घंटे तक पार्टी के विभिन्न स्तरों के नेताओं के साथ चर्चा की थी। इन बैठकों में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव की तैयारी, संगठन को मजबूत करने और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
जानकारी के अनुसार, पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने नेताओं से पूछा कि वर्ष 2028 में प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा सुनिश्चित करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जानी चाहिए। उन्होंने सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करने और संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
बैठकों के दौरान कुछ पूर्व जनप्रतिनिधियों और निगम-मंडल के पदाधिकारियों ने मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी अपनी बात रखी। अब दूसरे दिन की बैठकों में इन मुद्दों के साथ संगठन और सरकार के बीच समन्वय की स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।