ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सीबीआई ने संभाली हिरासत; दिल्ली में पेशी के बाद रायपुर लाने की तैयारी
रायपुर। देशभर में फैले कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क महादेव ऐप के प्रमुख प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है। ओमान से उसे लेकर पहुंची केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम अब उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया में जुटी है। पहले दिल्ली की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे रायपुर लाया जा सकता है। यहां विशेष सीबीआई अदालत में उसकी पेशी होने की संभावना है।
सौरभ चंद्राकर लंबे समय से जांच एजेंसियों की नजर में था। उसके खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ओमान में हिरासत में लिए जाने के बाद भारत ने उसके प्रत्यर्पण के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू की। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संबंधित अधिकारियों को अपने मामलों से जुड़े साक्ष्य उपलब्ध कराए। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और ओमान के अधिकारियों के सहयोग से उसे भारत लाया गया।

13 एफआईआर की जांच सीबीआई के पास
छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा ऐप से संबंधित 13 एफआईआर की जांच राज्य सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी। इसके अलावा ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की जांच कर रही है। दोनों एजेंसियां नेटवर्क के कथित वित्तीय लेन-देन, अवैध कमाई और उससे जुड़ी संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सौरभ चंद्राकर को भारत लाए जाने पर सीबीआई को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के दौरान कथित प्रोटेक्शन मनी के लेन-देन और नेटवर्क को संरक्षण देने वालों के संबंध में अहम खुलासे हो सकते हैं।
कई राज्यों तक फैला था सट्टेबाजी का जाल
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक के माध्यम से क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जाती थी। नेटवर्क को पैनल और शाखाओं के जरिए संचालित किए जाने तथा लोगों से रकम जमा कराने के आरोप हैं। एजेंसियों को संदेह है कि सट्टेबाजी से प्राप्त धन को विभिन्न बैंक खातों और अन्य माध्यमों से इधर-उधर कर विदेश भेजा जाता था। कथित हवाला लेन-देन और भ्रष्टाचार की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
सीबीआई सौरभ के खिलाफ दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उसके खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है। अब उससे पूछताछ के जरिए नेटवर्क के संचालन, पैसों के प्रवाह, विदेशों में संपत्तियों और कथित तौर पर जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है।
रायपुर में पेशी से पहले पूरी होगी कानूनी प्रक्रिया
भारत पहुंचने के बाद सौरभ का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद दिल्ली की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर उसे रायपुर लाया जा सकता है। आगे की पूछताछ और न्यायिक प्रक्रिया संबंधित अदालत के आदेशों के अनुसार होगी। ओमान में हिरासत के दौरान सौरभ ने अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उसने कथित तौर पर नेटवर्क से जुड़े प्रभावशाली लोगों से खतरा होने की आशंका भी व्यक्त की थी। उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।