लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी, छह दिनों में सेंसेक्स ने लगाई 5500 अंकों से अधिक की छलांग; कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
मुंबई (ए)। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दिया। गुरुवार, 5 नवंबर को घरेलू बाजार में जोरदार तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स करीब 1500 अंक यानी 1.90 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,800 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी 400 अंकों से अधिक का उछाल आया और यह 24,400 के आसपास कारोबार करता नजर आया।
बाजार में तेजी की प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट को माना जा रहा है। अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद वैश्विक राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना के बीच कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं। माना जा रहा है कि चुनावी नतीजों से ट्रम्प प्रशासन पर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ सकता है।
इस घटनाक्रम के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। दोनों की कीमतें पिछले दो महीनों के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से भारतीय अर्थव्यवस्था और कंपनियों की लागत पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद ने भी बाजार को मजबूती दी।
छह सत्रों में 5500 अंक से ज्यादा की बढ़त
घरेलू शेयर बाजार में तेजी का यह लगातार छठवां कारोबारी दिन है। 28 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच सेंसेक्स 73,246 अंक के स्तर से बढ़कर करीब 79,000 के आसपास पहुंच गया। इस अवधि में बाजार ने 5500 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की है।
इससे पहले 15 अक्टूबर को सेंसेक्स में 1533 अंकों की तेजी आई थी। वहीं 8 अप्रैल को बाजार में 2946 अंकों का उछाल दर्ज किया गया था, जो इस साल की अब तक की सबसे बड़ी एकदिवसीय बढ़त रही है।