“पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक में होगी चुनावी हार की समीक्षा, संगठन में बदलाव पर भी होगा मंथन”
छत्तीसगढ़ में विधानसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में मिली लगातार शिकस्त के बाद कांग्रेस अब संगठन के पुनर्गठन और भविष्य की रणनीति पर मंथन करने जा रही है। पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की अहम बैठक 19 फरवरी को होने जा रही है, जिसमें कई बड़े चेहरे शामिल होंगे।
रायपुर. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अब अपनी हार की वजहों की गहराई से पड़ताल करने के लिए कमर कस चुकी है। विधानसभा से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों तक तीन बार हार का सामना करने के बाद पार्टी अब आत्ममंथन की प्रक्रिया में जुट गई है। इसी कड़ी में 19 फरवरी को रायपुर में पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, सह प्रभारी ज़रिता लैतफलांग और विजय जांगिड़, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव शामिल होंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा हालिया चुनावों में हुई हार की समीक्षा, संगठनात्मक ढांचे में बदलाव, और आगामी लोकसभा चुनावों के लिए मजबूत रणनीति तैयार करना है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, कई जिलों में संगठन की निष्क्रियता और जमीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल में गिरावट हार का प्रमुख कारण रही है। इसके साथ ही, बैठक में संगठन में बड़े बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से नए चेहरों की मांग उठ रही है — जिला अध्यक्ष से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक। माना जा रहा है कि अब पार्टी जल्द ही कुछ कड़े फैसले ले सकती है ताकि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हो।
पार्टी नेतृत्व इस बैठक के जरिए अपनी रणनीति को पुनः धार देने की कोशिश करेगा, जिससे आगामी लोकसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके। हार की हैट्रिक के बाद यह बैठक कांग्रेस के लिए बेहद निर्णायक मानी जा रही है।