दुर्ग-राजनांदगांव रेंज के 150 से अधिक अधिकारी हुए शामिल, एनसीबी ने दिया प्रशिक्षण
दुर्ग और राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारियों व विवेचकों के लिए मादक पदार्थ से जुड़े मामलों की प्रभावी जांच के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें एनसीबी अधिकारियों द्वारा जब्ती, सर्च, फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन जैसे पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया गया।
दुर्ग। विगत दिवस महात्मा गांधी कला मंदिर, सिविक सेंटर में दुर्ग और राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारियों और विवेचकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 150 से अधिक अधिकारी शामिल हुए। कार्यशाला में एएनटीएफ आईजी अजय यादव, दुर्ग रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग, राजनांदगांव रेंज आईजी दीपक झा और जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रज्ञा पचौरी की उपस्थिति रही।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जब्ती प्रक्रिया, कानूनी औपचारिकताएं और विवेचना में देरी के कारणों पर जानकारी दी। दुर्ग रेंज आईजी ने एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन, फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन, सर्च और सैंपलिंग की प्रक्रिया को विस्तार से बताया। राजनांदगांव रेंज आईजी ने मादक पदार्थ नेटवर्क और जांच रणनीतियों पर चर्चा की। दुर्ग एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने एनडीपीएस एक्ट की व्याख्या की और बताया कि इसकी मदद से अपराधियों की संपत्ति जब्त कर नीलामी की जा सकती है।
कार्यशाला के पहले सत्र में एनसीबी रायपुर के अधीक्षक अनिल कुमार ने सर्च और सैंपलिंग पर प्रशिक्षण दिया। दूसरे सत्र में असिस्टेंट डायरेक्टर रविशंकर जोशी ने मनी ट्रेल और फाइनेंशियल जांच की तकनीकों को साझा किया। तीसरे सत्र में उप संचालक अभियोजन कबीरधाम कृष्ण कुमार चतुर्वेदी ने कानूनी विवेचना की दिशा में अहम सुझाव दिए।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों व विशेषज्ञों का मोमेंटो देकर सम्मान किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को भी सराहा गया।
इसमें दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मानपुर-मोहला, खैरागढ़, छुई खदान और गंडई से राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी व विवेचक शामिल हुए। संचालन एएसपी सुखनंदन राठौर और आभार प्रदर्शन एएसपी अभिषेक झा ने किया।