पुलिस लिखी कार से पहुंचे थे आरोपी, पूर्व मुख्यमंत्रियों का PSO भी शामिल
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में 5 लोगों ने खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर लाखों की लूट को अंजाम दिया। आरोपी पुलिस लिखी लग्जरी कार में पहुंचे और हार्डवेयर दुकानदार के घर पर छापा मारने का नाटक किया। उन्होंने न केवल दुकान से कैश लूटा, बल्कि घर में घुसकर मोबाइल और सीसीटीवी डीवीआर भी उठा ले गए।
कोंडागांव। कोंडागांव पुलिस ने इस संगठित अपराध का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस वारदात का मास्टरमाइंड छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (CAF) का निलंबित जवान लेखराम सिन्हा है, जो पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और भूपेश बघेल का PSO (निजी सुरक्षा अधिकारी) रह चुका है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 37 लाख रुपए मूल्य का कैश और सामान जब्त किया है।

ऐसे रची गई लूट की साजिश
कोंडागांव के बम्हनी गांव के रहने वाले साजेंद्र बघेल ने इस लूट की पूरी योजना बनाई। उसने रायपुर निवासी CAF के निलंबित जवान लेखराम सिन्हा से संपर्क किया और बताया कि हार्डवेयर दुकानदार अजय मानिकपुरी के घर में भारी रकम है। इसके बाद रायपुर के अन्य तीन आरोपियों को भी इस साजिश में शामिल कर लिया गया।
आरोपियों की शातिर चाल
19 मार्च की दोपहर करीब 2:30 बजे, आरोपी पुलिस लिखी हुई इनोवा और XUV 300 कार में सवार होकर हार्डवेयर दुकान पहुंचे। उन्होंने खुद को इनकम टैक्स अफसर बताया और अजय मानिकपुरी और उनकी पत्नी से पूछताछ शुरू कर दी। इस दौरान आरोपी काउंटर में रखे 4.38 लाख रुपए उठा ले गए और फिर घर के अंदर घुसकर मोबाइल फोन और सीसीटीवी का डीवीआर भी लूट लिया।

SP के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कोंडागांव थाना पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर रायपुर से इनोवा कार के चालक को पकड़ा, जिसने पूछताछ में पूरी घटना का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बाकी चार आरोपियों को भी धर-दबोचा।
गिरफ्तार आरोपियों से जब्त सामान
- लूट की रकम 4.38 लाख रुपए
- एक इनोवा कार (कीमत 20 लाख रुपए)
- एक XUV 300 कार (कीमत 10 लाख रुपए)
- 9 मोबाइल फोन (कीमत 3 लाख रुपए)
- कुल जब्त सामान की कीमत 37.38 लाख रुपए
गिरफ्तार आरोपी:
- सुरेंद्र कुमार (29 साल) – मुंगेली का निवासी, वर्तमान में रायपुर में रहता है।
- लेखराम सिन्हा (39 साल) – कांकेर जिले का निवासी, रायपुर में रहता है।
- प्रभदीप सिंह (30 साल) – रायपुर के बीरगांव का निवासी।
- प्रियांक शर्मा (22 साल) – रायपुर के हिमालयन हाइट्स का निवासी।
- साजेंद्र बघेल (29 साल) – कोंडागांव के बम्हनी गांव का निवासी, जिसने पूरी साजिश रची।
पूर्व में भी कर चुका है धोखाधड़ी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मास्टरमाइंड लेखराम सिन्हा पहले भी नौकरी लगाने के नाम पर कई लोगों से धोखाधड़ी कर चुका है। आरोपी 15 मार्च को भी गांव आए थे, लेकिन दुकानदार घर पर नहीं था, इसलिए वारदात को अंजाम नहीं दे सके थे।
पुलिस आगे की जांच में जुटी
इस संगठित अपराध में और भी लोगों के जुड़े होने की संभावना है। पुलिस अब आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इसी तरह की वारदातें पहले भी अंजाम दी गई हैं।