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CBI की छापेमारी के बाद भूपेश बघेल का केंद्र पर तीखा हमला
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महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम ने उठाए गंभीर सवाल
महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI की छापेमारी के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां उन्हें राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश कर रही हैं। भूपेश बघेल ने ऑनलाइन सट्टेबाजी को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और इसे एक सोची-समझी राजनीतिक चाल बताया।
रायपुर. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI की छापेमारी के बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियां उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर राजनीतिक रूप से खत्म करना चाहती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बघेल ने कहा कि “महादेव ऐप मामले में FIR 18 दिसंबर 2024 को दर्ज की गई, लेकिन इसे 1 अप्रैल 2025 को सार्वजनिक किया गया।” उन्होंने सवाल उठाया कि भारत में ऑनलाइन गैम्बलिंग को लेकर कोई स्पष्ट कानून नहीं है, फिर यह मामला किस आधार पर चलाया जा रहा है?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि FIR में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें मुख्य कर्ताधर्ता शुभम सोनी का नाम ही नहीं है, जबकि उन्हें सिर्फ एक बयान के आधार पर आरोपी बना दिया गया है।
महादेव ऐप पर बघेल के सवाल
ऑनलाइन सट्टेबाजी लीगल है या नहीं? अगर यह लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी का कोई मामला ही नहीं बनता और अगर यह गैरकानूनी है, तो इसे अब तक बंद क्यों नहीं किया गया?
CBI और ED एकतरफा कार्रवाई क्यों कर रही हैं? बीजेपी नेताओं से जुड़े नामों की जांच क्यों नहीं की जा रही?
महादेव सट्टा ऐप को केंद्र सरकार का संरक्षण प्राप्त है क्या?
“मोदी-शाह के दौरे से पहले ही CBI-ED की रेड क्यों?”
बघेल ने दावा किया कि जब-जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ का दौरा करते हैं, तब-तब CBI और ED सक्रिय हो जाती हैं। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के आने से पहले ED की रेड पड़ी थी और अब अमित शाह के दौरे से ठीक पहले इस FIR को सार्वजनिक किया गया। क्या यह सिर्फ एक संयोग है?”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी भी गिरफ्तारी का डर नहीं है। “अगर गिरफ्तार करना है तो कर लें, मैं न पहले भागा था, न अब भाग रहा हूं।”
CBI की जांच पर उठाए सवाल
बघेल ने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां महादेव ऐप के असली दोषियों तक पहुंचने के बजाय राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कई बड़े नाम बीजेपी नेताओं से जुड़े हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।
“पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के बाद मुझ पर कार्रवाई”
बघेल ने कहा कि उन्हें कांग्रेस द्वारा पंजाब का प्रभारी बनाए जाने के बाद से केंद्र सरकार बौखला गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि “CBI सात साल तक CD कांड की जांच करती रही, लेकिन कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने लायक तक नहीं समझा और मुझे डिस्चार्ज कर दिया। अब नई साजिश के तहत मुझे फंसाया जा रहा है।” पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस राजनीतिक प्रतिशोध से डरने वाले नहीं हैं और जनता के बीच अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।