दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हत्या की साजिश रचने वाले सभी आरोपी पकड़ाए
दुर्ग, 2 अप्रैल – छत्तीसगढ़ के दुर्ग में कुख्यात अपराधी अवतार मरकाम की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसे शरण देने और भागने में मदद करने वाले उसके साथी राजा साहू को भी धर दबोचा। इस गिरफ्तारी पर दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने राहत जताते हुए कहा कि पुलिस की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी और मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई।
हत्या की साजिश और वारदात का पूरा घटनाक्रम
28 मार्च की रात दुर्ग के इंदर ढाबा में कुख्यात अपराधी तपन सरकार के भांजे और उसके चार साथियों ने मिलकर हिस्ट्रीशीटर अवतार मरकाम (40) की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। इस मामले में चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर फरार था। पुलिस ने उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित कर रखा था।

जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले अवतार मरकाम और मुकेश चौहान के बीच झगड़ा हुआ था। इसके अलावा अवतार ने दीपक ठाकुर के पैर भी तोड़ दिए थे और होरीलाल से होली के समय मारपीट की थी। इन घटनाओं के बाद इन सभी ने अवतार को मारने की साजिश रची।
इंदर ढाबा में रची गई खौफनाक साजिश
आरोपियों ने 28 मार्च को अवतार को शराब पार्टी के बहाने इंदर ढाबा बुलाया। वहां पहले से ही दीपक ठाकुर, मुकेश चौहान, अमन साहू और होरीलाल मौजूद थे। जैसे ही अवतार पहुंचा, दीपक की गाड़ी के पास छिपे आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। धारदार हथियार से किए गए वार के कारण अवतार की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस जांच और आरोपियों की धरपकड़
हत्या के बाद दुर्ग पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम गठित की। पुलिस ने वारदात के चश्मदीद गवाह विकास सिंह परमार से पूछताछ की और उसकी निशानदेही पर आकाश मजूमदार, मुकेश चौहान, अमन साहू और होरीलाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सभी ने जुर्म कबूल कर लिया।
दीपक ठाकुर पर 15 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज
ASP सुखनंदन राठौर के मुताबिक, मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट और शासकीय कार्य में बाधा जैसे 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
परिवार के आरोप और पुलिस की भूमिका पर सवाल
अवतार मरकाम के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवतार को पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं और उसने इस संबंध में मोहन नगर थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। ASP सुखनंदन राठौर ने इस आरोप पर सफाई देते हुए कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और अगर लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। फिलहाल, हत्या के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।