36 नेताओं की सूची जारी, 15 ओबीसी, सतनामी समुदाय को नहीं मिली जगह, शाह के दौरे के बाद मंत्रिमंडल विस्तार संभव
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न निगम-मंडलों में अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की नियुक्ति की घोषणा कर दी है। भारतीय जनता पार्टी ने कुल 36 नेताओं को इनमें शामिल किया है, जिनमें 15 ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि सतनामी समुदाय से किसी को स्थान नहीं मिलने पर सोशल मीडिया पर असंतोष जताया जा रहा है। इसके अलावा, 3 अल्पसंख्यक और 4 आदिवासी नेताओं को भी जगह दी गई है।
हारने वालों को मिली प्रमुख जिम्मेदारीसूची में कई महत्वपूर्ण निगम-मंडल उन नेताओं को सौंपे गए हैं, जो हालिया चुनावों में पराजित हुए थे। इसको लेकर पार्टी के भीतर ही असंतोष की चर्चाएं हैं। हालांकि, पार्टी सूत्रों का कहना है कि संगठन में सक्रियता, कांग्रेस शासन में आंदोलन में भागीदारी और निकाय चुनावों में योगदान देने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी गई है।

किसे, कहां मिली जिम्मेदारी?रायपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष नंदकुमार साहू को बनाया गया है, जो रायपुर ग्रामीण विधानसभा से चुनाव हार चुके हैं। राजीव अग्रवाल, जो पार्षद चुनाव में पराजित हुए थे, को छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन का अध्यक्ष बनाया गया है। अनुराग सिंहदेव, जो पिछला विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, अब छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष बनाए गए हैं। वहीं, कभी बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का हिस्सा रहे सौरभ सिंह, जो 2023 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव हारे थे, अब खनिज विकास निगम के अध्यक्ष बनाए गए हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेजअब जब निगम-मंडलों की सूची जारी हो चुकी है, तो मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा भी जोरों पर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 5 अप्रैल को दंतेवाड़ा दौरे पर आ रहे हैं, और उनके दौरे के बाद सरकार कुछ बड़े फैसले ले सकती है। वर्तमान में प्रदेश में दो मंत्री पद रिक्त हैं और पार्टी के भीतर इन्हें भरने को लेकर गहन मंथन चल रहा है। संभावित नामों में अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर और राजेश मूणत शामिल बताए जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नाम लगभग तय हो चुके हैं और अब सिर्फ आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।