चैत्र नवरात्र पर कुदरगढ़ महोत्सव में मुख्यमंत्री ने की 105 करोड़ से अधिक के कार्यों की सौगात, रोपवे और अस्पताल की भी घोषणा
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले स्थित पवित्र कुदरगढ़ धाम को अब राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान मिल गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कुदरगढ़ महोत्सव के समापन अवसर पर यह ऐलान किया कि कुदरगढ़ मंदिर धाम को केंद्र सरकार की ‘प्रसाद योजना’ में शामिल कर लिया गया है। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही उन्होंने करोड़ों के विकास कार्यों की भी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने दिए विकास के नए आयाम
कुदरगढ़ महोत्सव में शामिल होकर मुख्यमंत्री साय ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया और कहा कि यह धाम आस्था, भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध ढंग से प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में कुदरगढ़ को ‘प्रसाद योजना’ में शामिल किया गया है, जिससे केंद्र से सीधा वित्तीय सहयोग मिलेगा।
उन्होंने धाम में प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट का भूमिपूजन किया, जो दो वर्षों में बनकर तैयार होगा। इसके अलावा, उन्होंने धाम में एक आधुनिक चिकित्सालय की स्थापना की भी घोषणा की ताकि श्रद्धालु और स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
1.5 करोड़ के निर्माण कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने गढ़वातियां माता मंदिर में सीढ़ी निर्माण और पेयजल व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये तथा प्रशासनिक व सामुदायिक भवनों के निर्माण हेतु 1 करोड़ रुपये की घोषणा की। साथ ही रोपवे निर्माण के लिए अनुबंध पत्र पर भी हस्ताक्षर किए गए।

105 करोड़ से अधिक लागत के 43 कार्यों का भूमि पूजन व लोकार्पण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने 105 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 43 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने ‘सुशासन रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो भटगांव विधानसभा क्षेत्र में शासकीय योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाएगा।
भोरमदेव मंदिर को स्वदेश दर्शन योजना से 148 करोड़
सीएम साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। भोरमदेव मंदिर के लिए ‘स्वदेश दर्शन योजना’ के तहत केंद्र सरकार ने 148 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही, कुदरगढ़, चंद्रहासिनी, महामाया, बम्लेश्वरी और दंतेश्वरी शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
तीर्थ दर्शन योजना फिर से शुरू
राज्य सरकार ने तीर्थ दर्शन योजना को फिर से शुरू किया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं, परित्यक्ताओं और दिव्यांगजनों को धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। सीएम ने बताया कि श्रीरामलला अयोध्या दर्शन योजना में अब तक 22 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं।
नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ की ओर कदम
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि राज्य सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं। बस्तर में बस्तर ओलंपिक और पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए सामाजिक समरसता को बल दिया जा रहा है।
समापन समारोह में लोकसंस्कृति की छाप
कार्यक्रम के समापन में छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। भक्ति संगीत और मां कुदरगढ़ को समर्पित भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर हितग्राहियों को सामग्रियों का वितरण भी किया।
गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, सांसद चिंतामणि महाराज, विधायक भूलन सिंह मरावी, शकुंतला पोर्ते, रजनी त्रिपाठी व कुदरगढ़ ट्रस्ट अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक उपस्थित थे।