नवा रायपुर में 120 दिन से समायोजन की मांग पर बैठे बर्खास्त शिक्षक झेल रहे हैं जानलेवा परिस्थितियाँ, प्रशासन बना मूकदर्शक
रायपुर। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर बीते 120 दिनों से अपनी बहाली और समायोजन की मांग को लेकर डटे बर्खास्त बीएड प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को अब जान जोखिम में डालकर आंदोलन करना पड़ रहा है। गुरुवार रात एक शिक्षिका को धरना स्थल पर बिच्छू ने काट लिया, लेकिन एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंची।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धरने पर बैठी शिक्षिका प्रिया मंडावी को ज़हरीले बिच्छू ने डंक मार दिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। साथी शिक्षकों ने तत्काल 112 पर कॉल कर एम्बुलेंस बुलाने की कोशिश की, लेकिन आधे घंटे तक कोई मदद नहीं पहुंची। आखिरकार, साथियों ने उन्हें बाइक से अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में रायपुर के डॉ. अंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
धरना स्थल की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। शिक्षकों ने बताया कि यहां सांप और बिच्छू कई बार देखे जा चुके हैं। शौचालय, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी जानकारी प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
धरने पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें डेढ़ साल नौकरी करने के बाद बर्खास्त कर दिया गया। वे तब तक धरना नहीं छोड़ेंगे जब तक उन्हें फिर से बहाल नहीं किया जाता। “हम यहां केवल अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब हमें जान का खतरा भी उठाना पड़ रहा है,” धरना स्थल पर मौजूद एक शिक्षक ने कहा।