बिलासपुर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, सीपत रोड पर हटाया गया वर्षों पुराना अवैध कब्जा; सौंदर्यीकरण और गार्डन निर्माण के लिए रास्ता साफ
बिलासपुर के मोपका चौक पर वर्षों से जमी अवैध दुकानों पर आखिरकार नगर निगम ने सख्ती दिखाई। सरकारी जमीन पर बनी 50 दुकानों को हटाकर चौक को खुला और व्यवस्थित करने की दिशा में पहला कदम उठा लिया गया है। यहां अब गार्डन और चौड़ा मार्ग विकसित किया जाएगा।
बिलासपुर शहर के सीपत रोड स्थित मोपका चौक पर नगर निगम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। सरकारी जमीन पर वर्षों से बनी करीब 50 अस्थायी और पक्की दुकानों को बुलडोजर चलाकर हटाया गया। इनमें से 15 दुकानों ने पक्का निर्माण कर लिया था। इस कार्रवाई का व्यापारियों ने विरोध किया, जिसके चलते मौके पर पुलिस बल बुलाया गया।

मोपका चौक और उससे जुड़ी तीनों सड़कों पर अतिक्रमण के कारण ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या गंभीर हो गई थी। स्थानीय लोग लगातार इस अव्यवस्था से परेशान थे और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।
नगर निगम ने पहले ही दुकानदारों को नोटिस देकर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने को कहा था, लेकिन कोई पहल न होने पर निगम ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की। अतिक्रमण हटने के बाद अब चौक का कायाकल्प किया जाएगा।

120 फीट चौड़ी सड़क का था प्रावधान
मास्टर प्लान के अनुसार, मोपका चौक से गुजरने वाली सड़क 120 फीट चौड़ी होनी चाहिए थी, जो कब्जों के चलते काफी संकरी हो गई थी। अतिक्रमण हटते ही सड़क चौड़ी हो गई है, जिससे यातायात सुगम होगा।
अब बनेगा गार्डन, मिलेगा नया स्वरूप
करीब छह महीने पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मोपका चौक के सौंदर्यीकरण की घोषणा की थी। इसके लिए 1 करोड़ रुपये की राशि अधोसंरचना मद से स्वीकृत की गई है। अब अतिक्रमण हटने के बाद गार्डन निर्माण और चौक के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
व्यापारियों की नाराजगी
उधर, कब्जाधारियों ने निगम की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि वे पंचायत काल से यहां छोटे व्यवसाय कर रहे थे। निगम ने अचानक कार्रवाई कर उनकी रोजी-रोटी छीन ली और वैकल्पिक स्थान भी नहीं दिया। जबकि निगम का तर्क है कि यह पूरी तरह से अवैध कब्जा था, इसलिए पुनर्वास का कोई प्रावधान नहीं है।