भिलाई में चाय की दुकान से शुरू हुआ विवाद हिंसा में बदला, पुलिस पर पक्षपात के आरोप, सीसीटीवी फुटेज और मारपीट का वीडियो आया सामने
भिलाई। भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठनों — भाजयुमो और एबीवीपी के नेताओं के बीच दो दिन पहले गंभीर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। घटना स्मृति नगर क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां एक चाय दुकान पर बैठने को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई। इस विवाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस ने दोनों के खिलाफ काउंटर एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस ने इस मामले में भाजयुमो नेता रोहन सिंह और उनके साथियों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है, जबकि एबीवीपी नेता मिहिर जायसवाल पर हत्या के प्रयास (धारा 307) के तहत मामला कायम कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मिहिर जायसवाल का पक्ष:
मिहिर ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे अपने साथियों के साथ चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी रोहन सिंह अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचे और मारपीट की। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी है। मिहिर ने यह भी कहा कि बाद में उनके साथियों ने रोहन से जवाबी मारपीट की थी, लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा लगा दी जबकि रोहन को केवल जमानती धाराओं में राहत दी गई।

मिहिर का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया, थर्ड डिग्री दी गई जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
रोहन सिंह का पक्ष:
रोहन सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले मिहिर और उसके साथियों ने उसके मामा के बेटे से मारपीट की थी। जब वह इस पर मिहिर से मिलने गया तो वहां उससे बहस और गाली-गलौज हुई। रोहन का कहना है कि मिहिर ने इसके बाद 40-50 लड़कों की टोली बनाकर उसे ढूंढना शुरू कर दिया। पुलिस को इस जानकारी के बाद जब वो चाय दुकान पहुंची, उसी दौरान मिहिर के लोगों ने उस पर हमला किया, जिसमें पंच और बेसबॉल बैट का इस्तेमाल किया गया।
हमले में रोहन और उसके दोस्त घायल हो गए। हमलावरों में एक नाम अमित ठाकुर का भी सामने आया है, जो एक एनकाउंटर में मारे गए बदमाश अमित जोश का करीबी बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रतिक्रिया:
स्मृति नगर चौकी प्रभारी गुरविंदर संधू ने मिहिर के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की गई है और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही मिहिर पर धारा 307 लगाई गई है।