कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और नक्सली पत्र पर चुप्पी के खिलाफ राजधानी में कांग्रेस का हल्ला बोल, PCC चीफ दीपक बैज ने बैठक लेकर दिया सफल आयोजन का मंत्र
छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध, बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब सीधा मोर्चा खोलने जा रही है। 21 अप्रैल को कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज ने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर रणनीति बनाई और सभी कार्यकर्ताओं से राजधानी पहुंचकर इस आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
राजधानी रायपुर में रविवार 21 अप्रैल को कांग्रेस प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी। इसको लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को राजीव भवन में वरिष्ठ नेताओं, ब्लॉक अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। उन्होंने घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी से एकजुट होकर मैदान में उतरने का आह्वान किया।
बैठक में सत्यनारायण शर्मा, मलकित सिंह गैदू, विकास उपाध्याय, पंकज शर्मा, सुशील आनंद शुक्ला, शैलेश नितिन त्रिवेदी, महेंद्र सिंह छाबड़ा समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बैज ने कहा कि प्रदेश में अपराधों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है। महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध चिंता का विषय बन चुके हैं। बावजूद इसके सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा, “गूंगी-बहरी सरकार को जगाने के लिए अब हमें सड़कों पर उतरना होगा।”
बैज ने नक्सलियों की तरफ से आए शांति वार्ता पत्र को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “पिछले कुछ दिनों में चार से पांच पत्र मीडिया के जरिए सामने आए हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अब तक कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। गृह मंत्री को यह बताना चाहिए कि ये पत्र असली हैं या नकली। कहीं सरकार खुद तो वाहवाही लूटने के लिए यह सब प्रचारित नहीं करवा रही है?”
उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल को पूरे प्रदेश भर से कांग्रेस कार्यकर्ता रायपुर पहुंचकर सीएम निवास का घेराव करेंगे और सरकार को उसकी जिम्मेदारियों का अहसास दिलाएंगे।