पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए कारोबारी के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि देने पहुँचे राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता | पत्नी नेहा बेहोश, ग़म और ग़ुस्से का मिला-जुला दृश्य
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के व्यापारी दिनेश मिरानिया का रायपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे शौर्य ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं अंतिम यात्रा में शोक, आक्रोश और सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिला।
रायपुर। पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए छत्तीसगढ़ के 45 वर्षीय व्यापारी दिनेश मिरानिया को बुधवार को रायपुर में अंतिम विदाई दी गई। बेटे शौर्य ने पिता को मुखाग्नि दी, जबकि पत्नी नेहा मिरानिया शोक के कारण बेहोश हो गईं। पूरे शहर में इस घटना को लेकर ग़म और ग़ुस्से की लहर दौड़ गई।
दिनेश की अंतिम यात्रा में राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, तथा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित राज्य के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। रायपुर की सड़कों पर लोग पाकिस्तान और आतंक के खिलाफ जमकर नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे थे। जगह-जगह पाकिस्तानी झंडे और आतंकी तस्वीरों पर लोग थूकते, लांघते और गालियाँ देते नजर आए।

शव दिल्ली से फ्लाइट द्वारा रायपुर लाया गया। एयरपोर्ट पर ही परिजनों और शुभचिंतकों का रो-रो कर बुरा हाल था। शव जैसे ही घर पहुंचा, वहां मौजूद डिप्टी सीएम अरुण साव, मंत्री ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा सहित कई नेताओं ने उसे कंधा दिया। घरेलू परिसर में हर आंख नम थी और सन्नाटा पसरा हुआ था।
जानकारी के अनुसार, दिनेश मिरानिया जिस दिन आतंकी हमले का शिकार हुए, वही दिन उनकी शादी की सालगिरह थी। वे अपने पत्नी नेहा, बेटे शौर्य और बेटी लक्षिता के साथ बैसरन घाटी में समय बिता रहे थे। लेकिन खुशियाँ एक पल में मातम में तब्दील हो गईं जब आतंकियों ने अचानक उन पर गोलियों की बौछार कर दी। घटना के बाद गृह मंत्री अमित शाह खुद दिनेश की पत्नी और बच्चों से मिले। उन्होंने कहा कि “इस अमानवीय कृत्य का हर देशवासी दुख साझा करता है। बेगुनाहों को मारने वाले आतंकियों को छोड़ा नहीं जाएगा।”