- शाम 4 बजे बजेंगे सायरन, सिविल डिफेंस देगी सुरक्षा प्रशिक्षण
- भिलाई स्टील प्लांट को देखते हुए दुर्ग को कैटेगरी-2 में रखा गया
- 244 जिलों में एक साथ देशव्यापी मॉकड्रिल, ब्लैकआउट की भी होगी तैयारी
भारत-पाक तनाव के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने युद्ध जैसी स्थिति में आम जनता और प्रशासन की तैयारी परखने के लिए देशभर में मॉकड्रिल का आयोजन किया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग को संवेदनशील मानते हुए शाम 4 बजे व्यापक अभ्यास कराया जाएगा, जिसमें आम लोगों को हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
भिलाई/दुर्ग। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते देश के 244 जिलों में मंगलवार को युद्ध के समय नागरिक सुरक्षा के अभ्यास के रूप में मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़ का दुर्ग ज़िला इस अभ्यास में शामिल है, जिसे भिलाई स्टील प्लांट जैसी रणनीतिक इकाई के चलते कैटेगरी-2 में रखा गया है।
जिला प्रशासन के अनुसार, मॉकड्रिल शाम 4 बजे सायरन बजने के साथ शुरू होगी। इसके बाद सिविल डिफेंस, पुलिस, और आपात सेवाएं जैसे फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीम पूरे शहर में हवाई हमले की स्थिति को दर्शाते हुए अभ्यास करेंगी। आम नागरिकों को सिखाया जाएगा कि एयर स्ट्राइक या बमबारी के दौरान कैसे सुरक्षित रहें, कहां शरण लें और अफवाहों से कैसे बचें।
मॉकड्रिल से पहले कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसमें संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, पुलिस और सिविल डिफेंस अधिकारियों ने रणनीति तय की। एक विशेष वीडियो के ज़रिए लोगों को पैनिक सिचुएशन में व्यवहार करने की प्रक्रिया समझाई गई।
गौरतलब है कि इस तरह की मॉकड्रिल देश में आखिरी बार 1971 भारत-पाक युद्ध के दौरान की गई थी। अब 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सरकार ने सुरक्षा उपायों को सक्रिय करने का फैसला लिया है। इस अभ्यास में ब्लैकआउट, बंकरों की तैयारी, स्कूल-कॉलेजों में सुरक्षा प्रशिक्षण और कंट्रोल रूम की भूमिका को भी सक्रिय रूप से परखा जाएगा।