पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने ‘बात भिलाई की’ में बताया— कैसे हुआ बीएसपी क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को राहत का मार्ग प्रशस्त
भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र के हजारों घरेलू उपभोक्ताओं को अंततः हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलने लगा है। वर्षों की कानूनी और राजनीतिक लड़ाई के बाद भाजपा सरकार ने इस योजना को बीएसपी टाउनशिप सहित पूरे भिलाई क्षेत्र में लागू किया, जिससे उपभोक्ताओं को करोड़ों रुपये की राहत मिली है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने इसे “जनता की एकजुटता और संघर्ष की जीत” बताया।
भिलाई नगर। हाफ बिजली बिल योजना, जिसे मार्च 2019 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने लागू किया था, वह भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए एक अधूरा वादा बनकर रह गई थी। लेकिन अब, भाजपा सरकार के हस्तक्षेप और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय के प्रयासों से यह योजना बीएसपी क्षेत्र में भी लागू कर दी गई है।
‘बात भिलाई की’ नामक फेसबुक लाइव कार्यक्रम में श्री पाण्डेय ने इस पूरे संघर्ष का विवरण साझा करते हुए बताया कि बीएसपी क्षेत्र — जिसमें कैंप-1, खुर्सीपार, रूआबांधा, हॉस्पिटल सेक्टर, रिसाली एवं जोन 1 से 9 शामिल हैं — के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली बिल आधा करने की इस योजना से वंचित रखा गया था।
पूर्व सरकार ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि बीएसपी उपभोक्ताओं का टैरिफ अलग होने के कारण वे इस योजना के पात्र नहीं हैं। लेकिन श्री पाण्डेय और उनकी टीम ने इसे अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन मानते हुए न केवल प्रशासन से लगातार मांग की, बल्कि न्यायालय तक का रास्ता भी अपनाया।
भाजपा सरकार ने दिलाई राहत
जनवरी 2025 में योजना के दूसरे चरण के तहत 8 करोड़ 58 लाख रुपये आवंटित किए गए, जिससे 12,780 बीएसपी कर्मचारियों और 8,000 गैर-कर्मचारी निवासियों को सीधा लाभ मिला। इससे पहले पहले चरण में भी 4 करोड़ 6 लाख रुपये की सहायता दी गई थी। यह राशि सीधे बिजली बिल में समायोजित की गई, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली।
एकजुटता और जागरूकता की जीत
श्री पाण्डेय ने कहा कि यह सफलता राजनीतिक इच्छाशक्ति, कानूनी रणनीति और जनसमर्थन के तालमेल से संभव हो सकी। उन्होंने जनता को जागरूक रहने और अपने अधिकारों के लिए संगठित रहने का संदेश दिया। उन्होंने चेताया कि यदि उपभोक्ता समय रहते जागरूक नहीं होते, तो यह लाभ फिर उनसे दूर हो सकता है। उन्होंने उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस संघर्ष में योगदान दिया।