गूगल ने पेश किया AI-फर्स्ट कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म ‘Beam’, जो 2D वीडियो को रियलिस्टिक 3D में बदलेगा; सर्च और वीडियो जनरेशन में भी बड़े बदलाव
गूगल की सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस I/O 2025 में तकनीक की दुनिया को झकझोर देने वाले कई इनोवेशन पेश किए गए। इनमें सबसे खास था ‘गूगल बीम’—एक नया AI-बेस्ड वीडियो कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म जो वीडियो कॉल को 3D में तब्दील कर रीयल लाइफ जैसी इंटरएक्शन का अनुभव देगा।
गूगल ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक इवेंट ‘Google I/O 2025’ में अत्याधुनिक AI तकनीकों की झलक दिखाई। इवेंट की सबसे बड़ी घोषणा थी गूगल बीम (Google Beam) — एक नया AI-फर्स्ट वीडियो कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म जो वीडियो कॉलिंग को पूरी तरह बदल देगा। यह सिस्टम 2D वीडियो को मल्टी-कैमरा इनपुट के जरिए 3D में बदलकर सामने वाले व्यक्ति को बिलकुल आमने-सामने होने जैसा अनुभव देगा।
यह कॉन्फ्रेंस 20 मई से कैलिफोर्निया के माउंटेन व्यू स्थित शोरलाइन एम्फीथिएटर में शुरू हुई, जो 4 दिन चलेगी। भारतीय समय अनुसार इसकी शुरुआत रात 10:30 बजे हुई। इस बार पूरा इवेंट AI तकनीक के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
पहले दिन की 3 बड़ी घोषणाएं:
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AI मोड वाला सर्च इंजन:
गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने गूगल सर्च के लिए नया कंवर्सेशनल AI इंटरफेस पेश किया है। यह इंटरफेस यूजर्स को सीधा जवाब देने, संदर्भ समझने और चैटबॉट जैसे अनुभव प्रदान करने की क्षमता देगा। यह अमेरिका के सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करवा दिया गया है। -
गूगल बीम – 3D वीडियो कम्युनिकेशन:
यह नया वीडियो प्लेटफॉर्म 6 कैमरों की मदद से 2D वीडियो को 3D में बदल देता है। पिचाई ने कहा कि इससे वर्चुअल मीटिंग्स पहले से कहीं ज्यादा रियलिस्टिक हो जाएंगी। गूगल और HP मिलकर इस साल के अंत तक बीम डिवाइस को बाजार में लाएंगे, जो शुरुआती ग्राहकों को उपलब्ध होगी। -
Veo 3 – अगली पीढ़ी का AI वीडियो जनरेटर:
गूगल ने Veo 3 AI वीडियो जनरेशन मॉडल का अनावरण किया, जो अब केवल वीडियो विजुअल्स ही नहीं बल्कि ऑडियो, डायलॉग और साउंड इफेक्ट्स भी तैयार कर सकता है। यह मॉडल 20 मई से उपयोग के लिए उपलब्ध है।
गूगल I/O 2025 में दिखा कि AI अब केवल एक फीचर नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म का मूल आधार बन चुका है। गूगल बीम जैसी तकनीकें वर्चुअल कम्युनिकेशन का भविष्य तय करेंगी, जहां दूरी सिर्फ शब्दों में होगी—अनुभव में नहीं।