- IMF रिपोर्ट में हुआ खुलासा: भारत की GDP 4.187 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची
- नीति आयोग के CEO ने जताया विश्वास: 2028 तक जर्मनी को भी पीछे छोड़ देगा भारत
- राजनीतिक बहस तेज: कांग्रेस ने उठाए बेरोजगारी और असमानता पर सवाल
- BJP ने दी मोदी सरकार को उपलब्धि की बधाई, बताया आर्थिक विकास का स्वर्ण युग
भारत ने आर्थिक मोर्चे पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया है। नीति आयोग के CEO बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम के अनुसार, देश 2028 तक जर्मनी को भी पीछे छोड़ तीसरे स्थान पर पहुंच सकता है। यह उपलब्धि जहां एक ओर केंद्र सरकार के लिए गर्व का विषय बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इस दावे को लेकर सवाल उठा रहा है।
नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। IMF की अप्रैल 2025 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) अब 4.187 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, जिससे भारत ने जापान (4.186 ट्रिलियन डॉलर) को पछाड़ दिया है और अब वह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
नीति आयोग के CEO बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने इस उपलब्धि की पुष्टि करते हुए कहा, “अब भारत के सामने अगला लक्ष्य जर्मनी है। अगर हम अपनी नीतियों और योजनाओं पर इसी तरह से अमल करते रहे, तो अगले तीन वर्षों में हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे।”
वर्तमान में अमेरिका, चीन और जर्मनी भारत से आगे हैं। लेकिन भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि दर और उत्पादन लागत की प्रतिस्पर्धात्मकता उसे वैश्विक निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना रही है।
हालांकि, इस उपलब्धि के बीच राजनीतिक विवाद भी छिड़ गया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए कहा, “GDP बढ़ रही है लेकिन बेरोजगारी और सामाजिक असमानता भी चरम पर है। सिर्फ अमीरों की संपत्ति गिनकर देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत नहीं बताया जा सकता।”
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इस सफलता का श्रेय देते हुए कहा, “कांग्रेस के शासन में हम ‘नाजुक पांच’ देशों में गिने जाते थे, लेकिन अब हम चौथे पायदान पर हैं। यह नया भारत है, जो विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।”