आकाशगंगा से लेकर नेहरू नगर तक 1000 से अधिक दुकानों में वर्षों से लंबित है किराया, निगम वेबसाइट पर बकायादारों की सूची होगी सार्वजनिक
भिलाई नगर निगम द्वारा पूर्व में साडा के माध्यम से आबंटित की गई लगभग 1000 से अधिक दुकानों और चबूतरों में कई दुकानदार वर्षों से किराया नहीं चुका रहे हैं। निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान न करने वाले दुकानदारों पर विधिक कार्यवाही की जाएगी।
भिलाईनगर, 6 जून — नगर निगम भिलाई ने अब किराया नहीं पटाने वाले दुकानदारों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। पूर्व में विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) द्वारा आकाशगंगा व्यावसायिक परिसर, सुपेला, कोहका चौक, पावर हाउस सब्ज़ी मंडी, उत्तर गंगोत्री और अन्य प्रमुख स्थलों पर लगभग 1000 से अधिक दुकानें व चबूतरे रोजगार बढ़ाने की मंशा से आबंटित किए गए थे।
इन दुकानों का मासिक किराया ₹110 से ₹648 के बीच तय किया गया था, जिसमें हर 5 वर्ष में 10% बढ़ोतरी की शर्त भी जोड़ी गई थी। लेकिन कई दुकानदारों ने 1992 से अब तक किराया नहीं चुकाया है, जबकि कुछ अब भी पुरानी दर पर भुगतान कर रहे हैं।
इस लापरवाही पर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राजस्व अधिकारी और संबंधित कर्मचारियों की बैठक लेकर फाइलों की समीक्षा की और पाया कि वर्षों से किराया लंबित है, जिससे निगम को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है।
आयुक्त ने तुरंत निर्देश दिए कि सभी बकायादार दुकानदारों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान करने को कहा जाए। अन्यथा संबंधित दुकानों पर कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, टैक्स वसूली एजेंसी को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के भी निर्देश दिए गए ताकि वसूली प्रक्रिया पारदर्शी और सटीक हो सके।
उल्लेखनीय है कि कुछ दुकानदारों ने आवंटित दुकानें खुद इस्तेमाल करने के बजाय किराए पर दे दी हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। निगम अब ऐसे मामलों पर भी सख्त रुख अपनाने जा रहा है। निगम की वेबसाइट पर सभी बकायादारों की सूची नाम और बकाया राशि सहित सार्वजनिक की जा रही है।