CM साय ने गृह मंत्री अमित शाह को दी रिपोर्ट — डेढ़ साल में 1,428 माओवादी आत्मसमर्पण, 64 नए सुरक्षा कैंपों से मजबूत हुआ नेटवर्क
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के कार्यकाल में नक्सल उन्मूलन अभियान ने निर्णायक मोड़ ले लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बताया कि अब तक 205 मुठभेड़ों में 427 नक्सली मारे गए और 1,428 ने आत्मसमर्पण किया है। केंद्र और राज्य की साझा रणनीति से नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा और विकास की जड़ें मजबूत हो रही हैं।
नई दिल्ली/रायपुर, 6 जून: छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद नक्सल उन्मूलन अभियान को जबरदस्त गति मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में चल रहे नक्सल विरोधी ऑपरेशनों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बीते डेढ़ वर्षों में हुए 205 एनकाउंटरों में 427 माओवादी मारे गए हैं, जिनमें कुख्यात नक्सली नेताओं बसवा राजू, सुधाकर और भास्कर जैसे नाम शामिल हैं। साथ ही, 1,428 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है।
राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंप स्थापित किए हैं, जिससे सुरक्षा नेटवर्क पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। इन कैंपों के आसपास बसे ग्रामीण इलाकों में अब बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं तेज़ी से पहुँचाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने ‘नियद नेल्लानार योजना’ के अंतर्गत 146 गाँवों में 18 प्रकार की सामुदायिक सेवाओं और 25 शासकीय योजनाओं के समन्वय से चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी। इन पहलों से स्थानीय ग्रामीणों में शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।
गृहमंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ सरकार की रणनीति और अभियान की सराहना करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर संभव सहायता देती रहेगी। शाह ने कहा कि ऐसे समन्वित प्रयासों से माओवादी गतिविधियों पर निर्णायक नियंत्रण संभव हो पा रहा है।
हाल के प्रमुख एनकाउंटर और सरेंडर:
बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में हाल ही में सुरक्षाबलों ने 25 लाख के इनामी नक्सली भास्कर को मुठभेड़ में मार गिराया। इसके पहले 1 करोड़ के इनामी सुधाकर और बसवा राजू भी मारे जा चुके हैं। वहीं, दंतेवाड़ा में 50-50 हजार के इनामी जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी और दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम समेत सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। प्रशासन इन्हें मुख्यधारा में लौटाने के लिए पुनर्वास योजनाओं के तहत सहयोग कर रहा है।