बेहतर CIBIL स्कोर से मिलेगा कम ब्याज दर पर लोन, जानें स्कोर सुधारने के आसान तरीके
जब भी किसी को लोन की जरूरत पड़ती है — चाहे वह घर खरीदने का हो, कार लेने का या फिर पर्सनल जरूरतों के लिए — तो सबसे पहले बैंक या फाइनेंशियल संस्थान जिस चीज को देखते हैं, वह है आपका CIBIL स्कोर। एक अच्छा स्कोर न सिर्फ लोन मंजूरी की संभावना बढ़ाता है, बल्कि ब्याज दर को भी कम करता है। इसलिए जरूरी है कि लोन अप्लाई करने से पहले आप अपने क्रेडिट स्कोर को समझें और उसे बेहतर बनाने की दिशा में काम करें।
CIBIL स्कोर: लोन की मंजूरी का गेटवे
लोन लेना आज के दौर में आम बात हो गई है, लेकिन बहुत से लोग बिना अपने क्रेडिट प्रोफाइल को देखे ही आवेदन कर बैठते हैं। नतीजा, बैंक या NBFC कंपनियां उनका एप्लीकेशन रिजेक्ट कर देती हैं और वे समझ नहीं पाते कि गलती कहां हुई।
असल में, CIBIL स्कोर एक ऐसा मापदंड है, जो आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह स्कोर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री, यानी पुराने लोन और क्रेडिट कार्ड भुगतानों के आधार पर तैयार होता है। स्कोर जितना अधिक होगा (900 के करीब), लोन पास होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।
ट्रांसयूनियन CIBIL की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग नियमित रूप से अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करते हैं, उनका औसत स्कोर 729 होता है। जबकि रिपोर्ट की अनदेखी करने वालों का स्कोर केवल 712 रहता है। इतना ही नहीं, 46% लोगों ने छह महीने के भीतर अपने स्कोर में सुधार भी देखा है।
इसलिए अगर आप लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो CIBIL स्कोर की जांच पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इससे न केवल आपकी लोन प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि ब्याज दर में भी राहत मिल सकती है।
CIBIL स्कोर से जुड़े जरूरी सवाल-जवाब
Q1: CIBIL स्कोर क्या होता है?
A: यह एक तीन अंकों का नंबर (300-900) होता है, जो आपकी उधारी का रिकॉर्ड दिखाता है। स्कोर जितना अधिक होगा, बैंक आपको उतना ही भरोसेमंद मानते हैं।
Q2: लोन अप्रूवल में इसका क्या रोल होता है?
A: बैंक और फाइनेंशियल कंपनियां सबसे पहले क्रेडिट रिपोर्ट देखकर ही लोन देने का निर्णय लेती हैं। एक अच्छा स्कोर मिलने पर लोन जल्दी अप्रूव होता है, ब्याज दर कम लगती है और लोन अमाउंट भी ज्यादा मिल सकता है।
Q3: अच्छा स्कोर किसे माना जाता है?
750 से 900: बहुत अच्छा
700 से 749: अच्छा
650 से 699: औसत
600 से 649: कमजोर
300 से 599: बहुत कमजोर