कोन्टा क्षेत्र में पैदल गश्त के दौरान नक्सलियों ने IED विस्फोट को अंजाम दिया, शहीद एएसपी के साथ एसडीओपी व थाना प्रभारी घायल, मुठभेड़ के बाद इलाके में हाई अलर्ट
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक बार फिर नक्सल हिंसा ने सुरक्षा बलों को गहरा आघात पहुंचाया है। सोमवार की सुबह कोन्टा थाना क्षेत्र के डोंडरा गांव में हुए एक भीषण आईईडी ब्लास्ट में कोन्टा के एडिशनल एसपी आकाश राव गिरपुंजे वीरगति को प्राप्त हो गए। घटना में एसडीओपी और थाना प्रभारी भी घायल हुए हैं। यह हमला उस वक्त हुआ जब पुलिस दल क्षेत्र में पैदल गश्त कर रहा था।
सुकमा (छत्तीसगढ़)। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से बौखलाए नक्सलियों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में खूनी खेल खेला है। सोमवार की सुबह करीब 9 बजे कोन्टा थाना क्षेत्र के दूरस्थ और अति-संवेदनशील गांव डोंडरा के पास नक्सलियों ने IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) ब्लास्ट कर पुलिस गश्ती दल को निशाना बनाया।

इस हमले में कोन्टा के एडिशनल एसपी आकाश राव गिरपुंजे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत इलाज के लिए रवाना किया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके साथ मौजूद एसडीओपी और थाना प्रभारी सोनल ग्वाला भी विस्फोट में घायल हुए हैं, जिनका इलाज फिलहाल जारी है।

गश्त के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, पुलिस दल क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन के तहत पैदल गश्त कर रहा था। इसी दौरान रास्ते में दबे हुए IED पर एक जवान का कदम पड़ते ही जोरदार विस्फोट हुआ। एडिशनल एसपी गिरपुंजे सबसे आगे चल रहे थे और विस्फोट की सीधी चपेट में आ गए। उनकी हालत अत्यंत गंभीर थी, लेकिन घायल अवस्था में भी उन्होंने टीम को संभालने की कोशिश की। मगर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
सुकमा एसपी ने की पुष्टि
घटना की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि यह एक सुनियोजित हमला था। घटना के तुरंत बाद अतिरिक्त बल मौके के लिए रवाना कर दिया गया और पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।
राज्यभर में शोक की लहर
एएसपी आकाश राव गिरपुंजे की शहादत की खबर जैसे ही फैली, पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। उनके परिजनों, सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने भी घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि “आकाश राव जैसे बहादुर अफसर की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। राज्य सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी।”
नक्सल प्रभावित इलाका, चुनौतीपूर्ण कार्य
कोन्टा क्षेत्र छत्तीसगढ़ के सबसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां हर कदम पर खतरा होता है। इसके बावजूद पुलिस और सुरक्षा बल यहां नियमित गश्त और अभियान चलाते रहते हैं। आकाश राव गिरपुंजे जैसे अधिकारी हमेशा सबसे आगे रहकर नक्सलियों से लोहा लेते रहे।