पत्नी ने सैल्यूट कर कहा विदा, पिता बोले— बेटा तिरंगा पहनकर आया, यह सबसे अनमोल है…
सुकमा में नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे को रायपुर में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद जब तिरंगे में लिपटी उनकी देह मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई, तो हर आंख नम थी। पत्नी ने रोते हुए सैल्यूट किया, पिता बेटे से लिपटकर बिलखते रहे। नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और आम नागरिकों ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि दी।
रायपुर। सुकमा के मिनपा क्षेत्र में नक्सली आईईडी विस्फोट में शहीद हुए एडिशनल एसपी आकाश राव गिरिपुंजे को मंगलवार को रायपुर में अंतिम विदाई दी गई। माना स्थित पुलिस बटालियन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उनकी पार्थिव देह को महादेवघाट मुक्तिधाम ले जाया गया।

शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री, दोनों डिप्टी सीएम, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोग, सरकारी वाहन और अधिकारी शामिल हुए। पार्थिव शरीर जब कुशालपुर स्थित निवास पर पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। पिता गोविंद राव बेटे की देह से लिपटकर बोले— “बेटा, तूने तिरंगा पहना है, यह सबसे बड़ा सम्मान है… मगर तूने वादा किया था 9 तारीख को आएगा, अब तिरंगे में लिपटा आया है।”
पत्नी ने रोते हुए अपने शहीद पति को सैल्यूट किया और अंतिम बार उन्हें निहारते हुए विदाई दी। मासूम बेटी नव्या, जिसका आज जन्मदिन है, पिता के बिना एक शब्द बोले गुमसुम खड़ी रही। आकाश राव की मां ने शव पर सिर झुकाकर अंतिम प्रणाम किया।

शहीद के चाचा बसंत राव ने भावुक होकर कहा— “मैंने उसे गोद में खिलाया था। वह अनपढ़ पिता का पढ़ा-लिखा होनहार बेटा था। एक भाई डॉक्टर बना और आकाश पुलिस अधिकारी। हम कहते थे कि अगली बार जब आए तो SP बनकर आना… वह आया, लेकिन तिरंगे में लिपटा हुआ।”

मंगलवार को सुबह शहीद की अंतिम यात्रा उनके निवास कुशालपुर से निकली। “जब तक सूरज-चांद रहेगा, आकाश तेरा नाम रहेगा” जैसे नारों के बीच पार्थिव देह को गार्ड ऑफ ऑनर के लिए माना पुलिस बटालियन लाया गया। वहां से अंतिम संस्कार के लिए महादेवघाट मुक्तिधाम रवाना किया गया।


10 जून को नक्सलियों ने भारत बंद का ऐलान किया था। इसके पहले उन्होंने एक खदान में खड़ी जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही एएसपी आकाश राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वह जैसे ही जली हुई जेसीबी के पास पहुंचे, पहले से बिछाई गई IED में विस्फोट कर दिया गया। इस विस्फोट में आकाश राव सहित तीन अधिकारी चपेट में आ गए। घायल टीआई सोनल ग्वाला को इलाज के लिए लाया गया है। वह बिलासपुर निवासी हैं। उनकी पत्नी गृहिणी हैं और उनके दो जुड़वां बेटियां हैं।

शहीद आकाश राव का बलिदान न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश की एक अपूरणीय क्षति है। उनकी वीरता, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा याद रखी जाएगी।