लगातार बारिश से नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन हाई अलर्ट पर; एसडीआरएफ ने 32 मजदूरों को किया रेस्क्यू
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में बीते कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते शिवनाथ नदी उफान पर पहुंच गई है। जिले के प्रमुख जलाशयों से छोड़े गए पानी ने नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। खतरे को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
दुर्ग, छत्तीसगढ़। लगातार हो रही बारिश ने दुर्ग जिले में हालात बिगाड़ दिए हैं। शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

पिछले तीन दिनों में औसतन 29.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश के कारण मोगरा जलाशय, घुमरिया नाला बैराज, सूखा नाला और खादूटोला जैसे जलस्रोतों से 60,500 क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया, जिसमें से 27,400 क्यूसेक पानी सीधे शिवनाथ नदी में गया है। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आशुतोष सारस्वत ने इस बात की पुष्टि की है।
महमरा एनीकट भी पानी से भर चुका है, और जलस्तर में और इजाफा हो सकता है। नदी के किनारों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है, ताकि लोग खतरे वाले इलाकों में न जा सकें। फिर भी लोगों की भीड़ सेल्फी लेने के लिए जमा हो रही है, जिन्हें सुरक्षा बलों द्वारा हटाया जा रहा है।

रेस्क्यू ऑपरेशन भी शुरू हो चुके हैं। एसडीआरएफ के कमांडेंट नागेंद्र सिंह ने बताया कि भारतमाला परियोजना में कार्यरत 32 मजदूर थनौद गांव में फंसे थे, जिन्हें टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। एसडीआरएफ की 50 सदस्यीय टीम आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
जिला प्रशासन ने सभी पंचायतों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है और मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी गांव में जलभराव या खतरे की स्थिति बने तो तत्काल सूचना दें, जिससे समय पर राहत पहुंचाई जा सके।