कबीरधाम की 65 वर्षीय महिला दो साल से झेल रही थी तकलीफ, सर्जरी ढाई घंटे में हुई सफल; डॉक्टरों की टीम को सिम्स प्रबंधन ने सराहा
बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देते हुए 65 वर्षीय महिला के पेट से 10.66 किलोग्राम का ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल लिया। यह ऑपरेशन ढाई घंटे तक चला, जिसमें 9 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया।
बिलासपुर। बिलासपुर स्थित सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चिकित्सकीय क्षेत्र का एक उल्लेखनीय कारनामा सामने आया है। कबीरधाम निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मी चौहान के पेट से 10 किलो 660 ग्राम वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर डॉक्टरों की टीम ने एक असाधारण उपलब्धि दर्ज की है।
महिला बीते दो वर्षों से पेट में सूजन, अपच, उल्टियों और मल-मूत्र त्याग में कठिनाई जैसी समस्याओं से परेशान थीं। पिछले 10 दिनों में हालत और बिगड़ने पर परिजन उन्हें सिम्स अस्पताल लाए, जहां डॉ. नेहा सिंह ने प्रारंभिक जांच की और गंभीरता को देखते हुए उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया।
आगे की जांचों — रक्त परीक्षण, मूत्र जांच और सोनोग्राफी — में सामने आया कि महिला के पेट में एक बड़ा ट्यूमर है। डॉ. नेहा ने यह जानकारी स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. संगीता रमन जोगी को दी, जिन्होंने यह मामला डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह के संज्ञान में लाकर ऑपरेशन की सहमति प्राप्त की।
इसके बाद 9 डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई, जिसमें डॉ. संगीता रमन जोगी, डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. अंजू गढ़वाल, और एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता, डॉ. प्राची, डॉ. आकांक्षा तथा नर्सिंग स्टाफ से ब्रदर अश्विनी शामिल थे।
टीम ने ढाई घंटे तक चले ऑपरेशन में पूरी निपुणता और समर्पण के साथ महिला के पेट से ट्यूमर निकालने में सफलता पाई। सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज की हालत अब स्थिर है। सिम्स प्रबंधन ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की तत्परता और सेवा भावना की खुले दिल से प्रशंसा की है।
डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने इसे दुर्लभ मेडिकल केस करार देते हुए कहा कि इस स्तर का ट्यूमर सामान्यतः बहुत कम देखने को मिलता है।