नागपुर-झारसुगुड़ा पाइपलाइन प्रोजेक्ट अंतिम चरण में, रायपुर, भिलाई, कोरबा समेत छह शहरों को जल्द मिलेगी घरेलू गैस आपूर्ति
छत्तीसगढ़ अब पाइप से घरेलू गैस आपूर्ति की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। नागपुर-झारसुगुड़ा गैस पाइपलाइन परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है—और अब केवल 2 किलोमीटर का कार्य बाकी रह गया है। इस कार्य के पूरा होते ही राज्य के छह प्रमुख शहरों में घर-घर गैस की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
रायपुर | छत्तीसगढ़ में सिटी गैस नेटवर्क के सपने को अब साकार होने में ज्यादा वक्त नहीं है। नागपुर से झारसुगुड़ा तक 692 किलोमीटर लंबी नेचुरल गैस पाइपलाइन परियोजना का 690 किलोमीटर कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल 2 किलोमीटर पाइपलाइन का कार्य बचा है, जिसके पूरा होते ही रायपुर, भिलाई, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर और राजनांदगांव जैसे शहरों में पाइप के जरिये घरेलू गैस आपूर्ति शुरू हो सकेगी। इस संबंध में नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित ऊर्जा वार्ता बैठक में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के समक्ष छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने जोर देकर मांग की कि शेष पाइपलाइन कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए।
बैठक में प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम क्षेत्र में निवेश, प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई। मंत्री देवांगन ने बताया कि इस परियोजना से न केवल घरेलू गैस की पहुंच आसान होगी बल्कि औद्योगिक उपयोग के लिए भी बड़ी सुविधा बनेगी। विशाखापट्टनम-रायपुर पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर भी कार्य प्रगति पर है। यह 540 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन छत्तीसगढ़ की गैस आपूर्ति को और भी मज़बूती देगी।
इसके साथ ही बस्तर में सीबीजी और एलएनजी प्लांट स्थापित करने की दिशा में भी कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जगदलपुर-नगरनार रोड पर एलएनजी स्टेशन के लिए ढाई एकड़ भूमि पहले ही आबंटित की जा चुकी है। वहीं सीबीजी प्लांट के लिए भूमि आबंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। छत्तीसगढ़ अब देश की गैस ग्रिड में एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है, जहां हर घर और हर उद्योग को गैस की आपूर्ति सहज और सुलभ हो सकेगी।