कामिका एकादशी के संयोग ने बढ़ाई धार्मिक आस्था; राजनांदगांव के शिव मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, ज्योतिर्लिंगों के किए दर्शन
सावन माह के दूसरे सोमवार को राजनांदगांव में शिवभक्ति चरम पर रही। शिवनाथ नदी से जल भरकर हजारों कांवरिए शहर के विभिन्न शिवालयों में पहुंचे और जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा। कामिका एकादशी का योग बनने से इस दिन का धार्मिक महत्व और भी अधिक बढ़ गया, जिससे मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
राजनांदगांव। सावन के पावन माह में शिवभक्ति का रंग पूरे राजनांदगांव में गहराता जा रहा है। सोमवार को सावन के दूसरे सोमवार और कामिका एकादशी के संयोग पर श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया।
भोर से ही कांवड़ लेकर शिवनाथ नदी तट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। वहां से जल भरकर भक्तों ने इंदिरा सरोवर स्थित शिव मंदिर, बीएनसी मिलचल श्रीमानस मंदिर और सिंघोला के चंद्रमौलेश्वर मंदिर समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में जाकर जल अर्पित किया।
शीतला मां मंदिर, बर्फानी दादा आश्रम और मां पाताल भैरवी मंदिर में भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे, जहां भगवान शिव की विशाल प्रतिमा और 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर भक्तों ने पुण्य अर्जित किया।
स्थानीय श्रद्धालु पवन डागा ने बताया कि रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु जलाभिषेक और दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। सावन सोमवार के साथ कामिका एकादशी का विशेष संयोग श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बन गया।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के सोमवार भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होते हैं, वहीं एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। ऐसे में दोनों देवताओं की कृपा पाने का यह दिन भक्तों के लिए अत्यंत शुभ माना गया।