15 दिनों में कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम, समय सीमा में असफल रहने पर अनुबंध रद्द करने की चेतावनी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में जल जीवन मिशन के तहत जारी निर्माण कार्यों में देरी पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने 45 ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए 15 दिन के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया है। तय समयसीमा में प्रगति न होने की स्थिति में ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त कर कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संचालित परियोजनाओं में लापरवाही पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी ने मिशन के कार्यों में अनुचित देरी पर 45 ठेकेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया है। उन्हें 15 दिवस की मोहलत देते हुए सभी शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में कार्य पूरा न करने की स्थिति में ठेकेदारों के अनुबंध निरस्त करते हुए नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि मरवाही विकासखंड के चंगेरी, परासी, कुम्हारी, लोहारी, सेमरदर्री, मडवाही और दानीकुंडी ग्रामों में रेट्रोफिटिंग योजनाओं के तहत 63 से 75 मिमी व्यास की एचडीपीई पाइप लाइन बिछाने और घरेलू नल कनेक्शन देने का कार्य 6 माह में पूर्ण किया जाना था। यह अवधि 21 दिसंबर 2022 को समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके कई ठेकेदारों ने अभी तक काम अधूरा छोड़ा है।
कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। लेकिन कार्यों की धीमी गति के कारण ग्रामीण अब तक इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इससे पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है, परंतु संतोषजनक प्रगति नहीं होने के कारण अब अंतिम चेतावनी जारी की गई है।