राज्य मंत्रिमंडल विस्तार और प्रदेश संगठन की नई टीम इसी माह घोषित हो सकती है; महिला मोर्चा की अध्यक्षता को लेकर भी घमासान
छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन के पुनर्गठन की तैयारी में जुटी है। सूत्रों के अनुसार इस महीने के भीतर नई नियुक्तियों का एलान हो सकता है। वहीं, मंत्री पद की दौड़ में अब दो नए चेहरों की एंट्री ने समीकरण बदल दिए हैं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के भीतर और संगठन के स्तर पर जल्द ही बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कैबिनेट विस्तार और प्रदेश संगठन की नई टीम की घोषणा इसी माह की जा सकती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद इस दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं के बीच दो नए नाम—अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग से विधायक गुरु खुशवंत साहेब—मंत्री पद की दौड़ में शामिल हो गए हैं। इससे पहले अमर अग्रवाल और गजेंद्र यादव का नाम चर्चाओं में था। अब देखना यह है कि इनमें से किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलती है और कौन संगठन में जिम्मेदारी संभालता है।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो भाजपा वर्गीय संतुलन के साथ आगे बढ़ सकती है। जहां गुरु खुशवंत साहेब SC/ST समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं गजेंद्र यादव OBC और राजेश अग्रवाल सामान्य वर्ग से आते हैं। इन तीनों में से चयन कर पार्टी सामाजिक प्रतिनिधित्व को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।
इसके साथ ही भाजपा संगठन के तीन प्रदेश मंत्रियों, दो प्रदेश महामंत्रियों और सात मोर्चों के प्रमुखों की नियुक्ति भी लंबित है। करीब 30 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष भी घोषित किए जाने हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष शालिनी राजपूत को हाल ही में हस्तशिल्प विकास बोर्ड की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे यह पद रिक्त हो गया है। अब इस पद को लेकर महिला नेताओं के बीच दावेदारी तेज हो गई है।
भाजपा के संगठन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संगठन विस्तार किसी नए फॉर्मूले पर नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की ईमानदारी और समर्पण को प्राथमिकता देकर किया जा रहा है। निर्णय वरिष्ठ नेताओं की आपसी सहमति से लिए जा रहे हैं। इधर निगम-मंडल में भी करीब 20 नेताओं को पहले ही विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी जा चुकी है, जिससे पार्टी के भीतर संतुलन कायम रखने की कोशिश की जा रही है।