सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस अभियान से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण, अब तक 2025 में 277 नक्सली कर चुके हैं सरेंडर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। कुल 9 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 24 लाख रुपए के इनामी 6 खूंखार नक्सली शामिल हैं। सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस के लगातार दबाव के चलते नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
बीजापुर। बस्तर के बीजापुर जिले में नक्सल मोर्चे पर एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। बुधवार को 24 लाख रुपए के इनामी 6 नक्सलियों समेत कुल 9 हार्डकोर नक्सलियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण कार्यक्रम में डीआईजी कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव सहित अन्य सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे।
ये आत्मसमर्पण राज्य सरकार की पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति, ‘नियत नेल्ला नार’ योजना और पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन – डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा, जिला बल और केरिपु बल के लगातार दबाव का नतीजा है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में शामिल:
- बक्सू ओयाम – पार्टी सदस्य, माड़ डिविजन कंपनी नं. 01 (इनाम ₹8 लाख)
- बुधराम पोटाम – एसीएम, प्लाटून नं. 12 (इनाम ₹5 लाख)
- हिड़मा ऊर्फ हिरिया – एसीएम, प्लाटून नं. 13 (इनाम ₹5 लाख)
- मंगू उईका ऊर्फ टोग्गी – तकनीकी टीम, दक्षिण बस्तर डिविजन (इनाम ₹2 लाख)
- रोशन कारम ऊर्फ सोनू – पार्टी सदस्य, चिन्नापल्ली एरिया, डीजीएन डिविजन (इनाम ₹2 लाख)
- मंगलो पोड़ियाम – भैरमगढ़ एरिया कमेटी (इनाम ₹2 लाख)
- कमलू हेमला ऊर्फ कुम्मा – डीएकेएमएस सदस्य, फुलादी आरपीसी
- बुधराम हेमला – डीएकेएमएस सदस्य, फुलादी आरपीसी
- पण्डरू पूनेम ऊर्फ पदखूटा – भूमकाल मिलिशिया कमांडर, मनकेली
सभी नक्सलियों को शासन द्वारा ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि के रूप में चेक भी प्रदान किए गए।
2025 में अब तक की उपलब्धि:
- 277 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
- 310 नक्सली गिरफ्तार किए गए
- 131 नक्सली मुठभेड़ में ढेर हुए
एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने अपील की कि अन्य नक्सली भी हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति, विकास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ें, ताकि बस्तर को स्थायी शांति की ओर ले जाया जा सके।