कोलकाता में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में फरार आरोपी महेन्द्र गोयनका समेत कई लोगों की तलाश, MP के बाद छत्तीसगढ़ में भी छापेमारी
कोलकाता में दर्ज एक बड़े आर्थिक अपराध के सिलसिले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में छापेमारी की। आरोप है कि कारोबारी महेन्द्र गोयनका और उनके साथियों ने एक कंपनी को धोखाधड़ी कर अपने कब्जे में ले लिया। रायपुर के एक दफ्तर में दस्तावेजों की तलाशी के दौरान आरोपी फरार मिले। इससे पहले मध्य प्रदेश में भी इसी मामले को लेकर छापेमारी की जा चुकी है।
रायपुर। पश्चिम बंगाल की कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को रायपुर के फरिश्ता कॉम्प्लेक्स स्थित एक कार्यालय पर छापामार कार्रवाई की। यह कार्रवाई कोलकाता में दर्ज धोखाधड़ी और कंपनी कब्जा करने के एक गंभीर मामले में की गई। बताया जा रहा है कि कारोबारी महेन्द्र गोयनका, उनके भाई मनीष गोयनका और सहयोगी सुनील कुमार अग्रवाल पर कंपनी को फर्जीवाड़े से हड़पने का आरोप है।
पुलिस की टीम ने रायपुर पुलिस के सहयोग से दस्तावेजों की जांच की, लेकिन मौके पर कोई भी आरोपी नहीं मिला। मामले से जुड़े सभी आरोपी फरार हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि दस्तावेजों में छिपे कई अहम सुराग मामले की परतें खोल सकते हैं।
इससे पहले कोलकाता पुलिस ने दो दिन पहले मध्यप्रदेश के कोतमा में स्थित गोयनका के दफ्तर और संबंधित ठिकानों पर भी छापेमारी की थी। वहां से भी कई दस्तावेज जब्त किए गए थे। कटनी के माधवनगर थाने में भी गोयनका समूह पर इसी प्रकार की धोखाधड़ी का केस दर्ज है। पुलिस अब विभिन्न राज्यों में फैले इस नेटवर्क की परतें खंगालने में जुटी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।