युवा पार्षद से उपमहापौर, स्काउट-गाइड से लेकर ओबीसी समाज को संगठित करने तक का सफर, जिले से लंबे अरसे बाद मंत्री पद मिला प्रतिनिधित्व
रायपुर में बुधवार को दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ से पहले उन्होंने दुर्ग के गणेश मंदिर और शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की। छात्र जीवन से राजनीति की शुरुआत करने वाले यादव ने अपने संगठनात्मक अनुभव और जनसेवा के दम पर विधानसभा में जगह बनाई और अब मंत्रिमंडल तक पहुंचे हैं।
रायपुर। दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव ने बुधवार को रायपुर में मंत्री पद की शपथ ली। पदभार ग्रहण से पहले उन्होंने दुर्ग के गणेश मंदिर और शिव मंदिर में पूजा कर आशीर्वाद लिया। गजेन्द्र यादव की राजनीतिक यात्रा छात्र जीवन से शुरू हुई थी। 1996 में महज़ 21 वर्ष की उम्र में वे अविभाजित मध्यप्रदेश के सबसे युवा पार्षद बने। इसके बाद वे पांच बार पार्षद और नगर निगम दुर्ग के उपमहापौर रहे।
यादव ने भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश सचिव और पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। ओबीसी समाज को संगठित करने और सशक्त बनाने के लिए उन्होंने कई कार्यक्रम आयोजित किए।
सामाजिक सरोकारों में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। स्काउट-गाइड संगठन में वे देश के सबसे कम उम्र के राज्य मुख्य आयुक्त बने। उनके नेतृत्व में यातायात जागरूकता अभियान के तहत 10,622 बच्चों को प्रशिक्षित किया गया और पर्यावरण संरक्षण के लिए 1.53 लाख पौधे लगाए गए। उनकी पहल पर आयोजित स्काउट-गाइड जंबूरी में 23 हजार बच्चों ने एक साथ कर्मा नृत्य कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। यही नहीं, भूटान सरकार ने उन्हें राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था।
आज मंत्री बनने के बाद दुर्ग जिले में खुशी और उत्साह का माहौल है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि गजेन्द्र यादव की सक्रियता और जनता से गहरे जुड़ाव से जिले के विकास की नई दिशा तय होगी। लंबे समय बाद दुर्ग को मंत्री पद मिलने से स्थानीय लोगों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।