दोनों महिलाओं ने 15 दिन तक चैटिंग कर झांसा दिया; 1 लाख मुनाफा लौटाकर भरोसा जीतकर करोड़ों का लालच दिखाया
रायपुर में ट्रांसपोर्टर एक सुनियोजित ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। फेसबुक और वॉट्सऐप के जरिए दो महिलाओं ने उसे निवेश के नाम पर 72 लाख रुपए से अधिक का चूना लगाया। खास बात यह रही कि पहली महिला से ठगे जाने के बाद दूसरी महिला सामने आई और खुद को ईमानदार बताकर पहले वाली को धोखेबाज कहा। इस तरह दोनों ने बारी-बारी से ट्रांसपोर्टर को फंसाकर करोड़ों के मुनाफे का लालच दिया।
रायपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच राजधानी रायपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्टर डाकेश्वर सिंह, जो बजरंग चौक कोटा में रहते हैं, फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए ठग महिलाओं के जाल में फंस गए।
जून 2025 में श्रेया अग्रवाल नाम की महिला ने उन्हें वॉट्सऐप पर जोड़कर ऑनलाइन ट्रेडिंग में चार गुना मुनाफा देने का दावा किया। करीब 15–20 दिनों तक लगातार चैट कर उसने उनका भरोसा जीता और एक ऐप डाउनलोड करवाकर 19 लाख 50 हजार रुपए इन्वेस्ट करवा लिए। जब डाकेश्वर ने मुनाफा निकालने की कोशिश की तो महिला ने टैक्स पेमेंट की शर्त रख दी। शक होने पर उन्होंने साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।
इसी बीच, कुछ दिन बाद आराध्या अग्रवाल नाम की दूसरी महिला उनसे फेसबुक पर जुड़ी। उसने पहली महिला और कंपनी को फ्रॉड बताकर खुद के निवेश प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बताया। इस बार डाकेश्वर ने 5 लाख रुपए लगाए। भरोसा जीतने के लिए महिला ने 1 लाख मुनाफा समेत 6 लाख रुपए उनके खाते में भी भेज दिए। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से 72 लाख रुपए वसूले गए।
फिलहाल पुलिस ने ट्रांसपोर्टर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।