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पावर हाउस से घड़ी चौक तक सड़कें जाम का शिकार
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त्योहारों से पहले प्रशासन ने शुरू की सख्ती, डीलर्स को दिए वाहन हटाने के निर्देश
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सड़क पर व्यापार से पैदल और वाहन चालकों की परेशानी, शहर की सुंदरता भी प्रभावित
शहर की प्रमुख सड़कें और सर्विस रोड अब ऑटो डीलर्स के कब्जे का शिकार हैं। पावर हाउस से लेकर घड़ी चौक तक सड़क किनारे खड़ी पुरानी गाड़ियां और उनके व्यापार ने आम वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए हालात गंभीर कर दिए हैं। त्यौहारी सीजन नजदीक आने के बावजूद प्रशासन के निर्देशों के बाद भी डीलर्स ने अपने वाहनों को हटाने में कोई रुचि नहीं दिखाई।
दुर्ग। शहर की प्रमुख सड़कों पर ऑटो डीलर्स का कब्जा आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। पावर हाउस से घड़ी चौक तक की सड़कें पुरानी गाड़ियों की खरीदी-बिक्री के लिए जाम की स्थिति में फंस जाती हैं। इन सड़कों पर वाहन खड़ा करने से ट्रैफिक बाधित होता है और पैदल यात्रियों के लिए चलना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे समय से यह समस्या बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सड़क पर कब्जे की वजह से पार्किंग की जगह भी नहीं मिलती और पैदल चलने वालों को दुर्घटना का खतरा रहता है।
त्योहारों के नजदीक आने के कारण जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने अब सख्ती शुरू की है। एएसपी सुखनंदन राठौर और एएसपी ट्रैफिक ऋचा तिवारी की अध्यक्षता में ऑटो डीलर्स की बैठक हुई। इसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अब सड़कों पर वाहन खड़े कर व्यापार करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीलर्स को आदेश दिया गया कि वे तुरंत सड़क और सर्विस रोड से गाड़ियां हटाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, अफसरों के निर्देशों का अभी तक असर नहीं दिखा। पावर हाउस और दक्षिण गंगोत्री क्षेत्र में आज भी ऑटो डीलर्स अपने वाहन खुलेआम सड़क किनारे डिस्प्ले कर रहे हैं। पुलिस और निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत डीलर्स को सुझाव दिया है कि वे अपने वाहनों को निजी यार्ड या नगर निगम द्वारा प्रस्तावित स्टेडियम में रखें।
एएसपी (ट्रैफिक) ऋचा तिवारी ने कहा कि त्योहारों के समय शहर में ट्रैफिक दबाव बढ़ जाता है और ऐसे में सड़क पर वाहन खड़ा करने से जाम और दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है। साथ ही, सड़क किनारे टूटी-फूटी गाड़ियां शहर की सुंदरता को भी प्रभावित कर रही हैं। शहरवासियों की शिकायत और प्रशासन की चेतावनी के बावजूद ऑटो डीलर्स की हठधर्मिता अब प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।