- 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति अनिवार्य
- जगदलपुर में श्रम और महिला बाल विकास विभाग ने सर्वे के लिए गठित किया दल
- समिति नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई
महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब 10 से अधिक कर्मचारियों वाले हर संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति (Internal Complaints Committee) का गठन अनिवार्य होगा। आदेश की अवहेलना करने वाले संस्थानों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
जगदलपुर। कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब जिले के प्रत्येक स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बैंक, शो-रूम, दुकान, एनजीओ और ट्रस्ट जहां 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक शिकायत समिति बनाना अनिवार्य होगा। यदि किसी संस्थान में समिति गठित नहीं पाई गई तो संबंधित संस्था पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
श्रम पदाधिकारी भूपेंद्र नायक ने बताया कि शासन के निर्देश और कलेक्टर हरिस एस. के मार्गदर्शन में श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त रूप से एक दल का गठन किया है। यह दल जिले के सभी निजी संस्थानों का सर्वे करेगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और आदेश का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।