100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल, शासन-प्रशासन की गति और पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर
नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में राज्य सरकार की पहल पर ‘डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण’ विषय पर एक माह का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों को और अधिक तेज, पारदर्शी व नागरिक-केंद्रित बनाना है। कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों ने तकनीक को शासन की जवाबदेही बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
रायपुर। नवा रायपुर स्थित ट्रिपल-आईटी में राज्य सरकार की पहल पर ‘डिजिटल उत्पादकता संवर्धन एवं एआई एकीकरण’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण 24 सितंबर से 25 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें सामान्य प्रशासन, गृह एवं अन्य विभागों के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत, विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के सचिव एवं सुशासन विभाग के सचिव राहुल भगत थे, जबकि अध्यक्षता ट्रिपल-आईटी के डायरेक्टर प्रो. डॉ. ओपी व्यास ने की।
प्रशिक्षण के पहले दिन प्रतिभागियों को MS Word, Google Docs, Excel, Google Sheets के उन्नत फीचर्स और डेटा मॉडलिंग से परिचित कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि जिम्मेदार प्रशासन के लिए डिजिटल उत्पादकता और एआई का उपयोग समय की आवश्यकता है।
अपने उद्बोधन में सचिव अविनाश चंपावत ने कहा कि कौशल उन्नयन एक सतत प्रक्रिया है, जो न केवल कार्यसंस्कृति बल्कि व्यक्तित्व को भी निखारता है। उन्होंने एआई आधारित प्रशिक्षण को कर्मचारियों की क्षमता वृद्धि में मील का पत्थर बताया।
सचिव राहुल भगत ने तकनीक को नागरिक-केंद्रित शासन का आधार बताते हुए कहा कि ई-ऑफिस जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शासन को पारदर्शी और जवाबदेह बना रहे हैं।
कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे प्रो. डॉ. ओपी व्यास ने कहा कि एआई के स्मार्ट उपयोग के लिए जागरूकता और सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने आगाह किया कि संवेदनशील डेटा को एआई टूल्स में साझा करने से बचना चाहिए।
प्रो. के. जी. श्रीनिवास ने भरोसा दिलाया कि यह प्रशिक्षण उच्च गुणवत्ता वाला और परिणामोन्मुखी होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संदेश दिया कि “डिजिटल प्रोडक्टिविटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समुचित उपयोग प्रशासनिक कार्यों की गति और पारदर्शिता बढ़ाने की सबसे बड़ी आवश्यकता है। ऐसे कार्यक्रम नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती देंगे।”