जेनरेशन Z को जोड़ने के लिए युवा सम्मेलन और इन्फ्लुएंसर मीट; 3 लाख स्वयंसेवकों का पथ संचलन भी होगा आयोजित
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर शताब्दी वर्ष मनाने की शुरुआत कर दी है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम होंगे। राज्य में 2000 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, 50 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है और 3 लाख गणवेशधारी स्वयंसेवक पथ संचलन में शामिल होंगे।
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी (2 अक्टूबर) से शताब्दी वर्ष का शुभारंभ किया है। संघ की नींव छत्तीसगढ़ में 1929 में रायपुर के तिलक नगर में रखी गई थी और आज प्रदेश में इसकी 1855 शाखाएं सक्रिय हैं। इस शताब्दी वर्ष को ऐतिहासिक बनाने के लिए संघ ने सात प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की है।
2000 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन
संघ इस दौरान प्रदेशभर में 2000 स्थानों पर हिंदू सम्मेलन आयोजित करेगा। इन सम्मेलनों का फोकस गांवों और छोटे कस्बों पर रहेगा। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 1989 और 2006 में भी बड़े स्तर पर हुए थे।
50 लाख घरों तक संपर्क अभियान
नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक तीन सप्ताह का गृह संपर्क अभियान चलेगा। “हर गांव, हर बस्ती, घर-घर” थीम पर आधारित इस अभियान के दौरान स्वयंसेवक परिवारों को संघ के कार्यों से अवगत कराएंगे और साहित्य वितरित करेंगे। छत्तीसगढ़ में 50 लाख घरों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
3 लाख स्वयंसेवकों का पथ संचलन
इस बार पथ संचलन बस्ती स्तर पर किया जाएगा। 15 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में प्रदेशभर से लगभग 3 लाख स्वयंसेवक शामिल होंगे। रायपुर में अकेले 12 हजार गणवेशधारी स्वयंसेवकों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है।
Gen Z को जोड़ने की योजना
युवा सम्मेलन और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मीट के माध्यम से संघ विशेष रूप से जेनरेशन Z को जोड़ने की रणनीति बना रहा है। प्रांत संघ चालक टोप लाल वर्मा ने कहा कि इस शताब्दी वर्ष में संघ उन वर्गों तक पहुंचना चाहता है, जो संघ को जानते तो हैं लेकिन अब तक जुड़ नहीं पाए हैं। इसके अलावा पब्लिक मीटिंग, सद्भाव बैठक और सांस्कृतिक संवाद के जरिए संघ समाज के अलग-अलग वर्गों को जोड़ने की योजना बना रहा है।