छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत युवा नेतृत्व को प्राथमिकता दी; जिलाध्यक्ष चयन में पारदर्शिता और जातीय संतुलन पर रहेगा जोर।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के तहत बड़ा निर्णय लिया है। अब जिलाध्यक्ष पद की कमान 50 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को सौंपी जाएगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने स्पष्ट कहा कि किसी तरह की गुटबाजी या सिफारिश नहीं चलेगी—चयन केवल विचारधारा और समर्पण के आधार पर होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने संगठन को नई दिशा देने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने घोषणा की है कि अब जिला कांग्रेस कमेटियों में युवा नेतृत्व को वरीयता दी जाएगी। जिलाध्यक्ष पद के लिए 50 वर्ष से कम उम्र के कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी तरह पारदर्शी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होगी। किसी नेता की व्यक्तिगत पसंद या गुटबाजी इस बार प्रभावी नहीं रहेगी। केवल वे कार्यकर्ता आगे आएंगे जो कांग्रेस की विचारधारा से गहराई से जुड़े हैं और संगठन के लिए लगातार सक्रिय रहे हैं।
संगठन सृजन अभियान तेज
बैज ने बताया कि कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान पूरे प्रदेश में शुरू हो चुका है। जिला कांग्रेस कमेटियों (ग्रामीण व शहरी) के अध्यक्षों का चयन इसी प्रक्रिया के तहत होगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने इसके लिए राष्ट्रीय स्तर के 17 वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर रहे हैं।
प्रतिनिधित्व और संतुलन पर ध्यान
बैज ने कहा कि पार्टी सामाजिक और जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखेगी। जिन जिलों में आदिवासी, ओबीसी या अन्य वर्गों की बहुलता है, वहां उसी अनुपात में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके।
साफ-सुथरी छवि वाले नेताओं को ही मौका
इस बार जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों से विस्तृत आवेदन पत्र भरवाए जा रहे हैं। इसमें आवेदक को अपने विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों और पार्टी से किसी भी समय हुए निष्कासन की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। पार्टी का उद्देश्य है कि संगठन की बागडोर स्वच्छ छवि वाले, प्रतिबद्ध नेताओं को दी जाए।
रायशुमारी का चरण शुरू
बिलासपुर जिले में 10 से 12 अक्टूबर तक ब्लॉकवार बैठकों के माध्यम से रायशुमारी की प्रक्रिया चलेगी। इसमें तखतपुर, कोटा, मस्तूरी, बिल्हा, बिलासपुर और बेलतरा विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं से सुझाव लिए जाएंगे। इस अभियान की निगरानी केंद्रीय पर्यवेक्षक उमंग सिंघार तथा राज्य पर्यवेक्षक टीएस सिंहदेव, धनेश पाटिला और नरेश ठाकुर करेंगे।
निष्कासित नेताओं की वापसी
इसी बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर पूर्व प्रवक्ता अभय नारायण राय और पूर्व महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष सीमा पांडेय की पार्टी में वापसी हो गई है। दोनों को फरवरी 2025 में भीतरघात के आरोप में निष्कासित किया गया था। आठ महीने बाद उनका निलंबन निरस्त कर दिया गया है।