‘जीएसटी बचत उत्सव’ की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश — स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर मिली बड़ी राहत
वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए ‘जीएसटी 2.0 सुधारों’ का लाभ राज्य के हर नागरिक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीएसटी दरों में की गई कमी का सीधा असर उपभोक्ता तक पहुँचे और कोई भी व्यापारी पुरानी दरों पर वस्तुएँ न बेचे। नवा रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की विशेष समीक्षा बैठक में वित्त मंत्री ने यह बात कही।
रायपुर। नवा रायपुर में आयोजित ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की समीक्षा बैठक में वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी ने राज्य के नागरिकों को जीएसटी दरों में की गई कटौती का त्वरित और पारदर्शी लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू ‘जीएसटी 2.0’ के तहत ऐतिहासिक कर सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम नागरिकों को राहत और व्यापार को सुगमता प्रदान करना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि इन सुधारों से होने वाली बचत हर परिवार तक ईमानदारीपूर्वक पहुँचे। उन्होंने राज्य के सभी जिलों के जीएसटी अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी वस्तु पुरानी दरों पर न बेची जाए और यदि कोई पुराना स्टॉक उपलब्ध है, तो उस पर नई संशोधित दरें अंकित की जाएँ।
बैठक में उन्होंने सभी बाजारों की स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों से फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की दैनिक रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाएगी और वे स्वयं राज्य स्तर पर समीक्षा करेंगे, ताकि सुधारों का लाभ समय पर जनता तक पहुँचे।
गौरतलब है कि जीएसटी 2.0 सुधार 22 सितंबर 2025 से लागू हुए हैं। इन सुधारों के तहत 99 प्रतिशत वस्तुएँ अब 5 प्रतिशत स्लैब में लाई गई हैं। इससे उपभोक्ताओं को सीधा फायदा हुआ है — जैसे कि ट्रैक्टर जैसी कृषि मशीनरी पर ₹60,000 से ₹1.20 लाख तक की बचत, कपड़ों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
इसके अलावा, स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा सुधार किया गया है। अब व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम जीएसटी मुक्त हैं। अधिकांश दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और डायग्नोस्टिक किट पर कर दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है, जबकि कई जीवनरक्षक दवाएँ पूरी तरह टैक्स मुक्त कर दी गई हैं।
वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि इन कदमों से न केवल आम परिवारों को राहत मिली है बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता विश्वास भी बढ़ा है। बैठक में वित्त सचिव मुकेश बंसल, राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा, और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।