🔹 बदलते बस्तर की कहानी सुनाएगी छत्तीसगढ़ की झांकी — संघर्ष से विकास की ओर यात्रा का चित्रण
🔹 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के सामने होगी प्रस्तुति
🔹 ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करेगा राज्य का प्रदर्शन
राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर) के अवसर पर गुजरात के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में इस बार छत्तीसगढ़ की झांकी भी शामिल होगी। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में राज्य की झांकी को चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर जनसम्पर्क विभाग की टीम को बधाई देते हुए कहा — “यह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा की राष्ट्रीय पहचान है।”
रायपुर, 15 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और विकास की गूंज अब राष्ट्रीय मंच पर सुनाई देगी। गुजरात के एकता नगर में आयोजित होने वाली एकता परेड-2025 में राज्य की झांकी का चयन किया गया है। इस झांकी में बस्तर के बदलते स्वरूप — “संघर्ष से विकास की ओर, भय से विश्वास की ओर” की थीम को जीवंत किया जाएगा।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी सूची में छत्तीसगढ़ के साथ जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, मणिपुर, उत्तराखंड, पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, एनडीआरएफ और एनएसजी की झांकियाँ भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, “छत्तीसगढ़ की झांकी हमारी सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपराओं और एकता की भावना का प्रतिनिधित्व करेगी। यह राज्य के गौरव का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि झांकी बस्तर की विकास यात्रा को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही है, जो जनजातीय अस्मिता, परंपरा और आधुनिकता के संगम को दर्शाएगी।
झांकी में बस्तर की लोकसंस्कृति — ढोकरा कला, आदिवासी चित्रकला, पारंपरिक नृत्य और आधुनिक विकास परियोजनाओं को एक साथ जोड़ा गया है। संदेश स्पष्ट है — बस्तर अब बदलाव की राह पर है, जहां संघर्ष की छाया से निकलकर विश्वास और समृद्धि का नया सवेरा उभर रहा है।
राज्य सरकार की पुनर्वास और विकासोन्मुख नीतियों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी परिवर्तन और शांति का माहौल बनाया है। यही भाव झांकी के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत होगा।
इस आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह स्वयं उपस्थित रहेंगे और चयनित झांकियों का अवलोकन करेंगे। यह परेड भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक मानी जाती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की झांकी प्रधानमंत्री मोदी के “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को नई ऊर्जा देगी। उन्होंने कहा, “यह अवसर राज्य के लिए गर्व का क्षण है, जब बस्तर की मिट्टी, लोककला और जनसंस्कृति राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाएगी।”