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बस्तर में 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की संभावना
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रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग में भी बारिश के बादल घिरे
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किसानों को फसल सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी की सलाह
छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों तक चक्रवात ‘मोन्था’ का असर रहेगा। मौसम विभाग ने बस्तर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश के बीच किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
रायपुर। मौसम विभाग ने कोंडागांव, कांकेर, धमतरी और गरियाबंद में ऑरेंज अलर्ट और रायपुर-बिलासपुर संभाग के जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। बस्तर में 60-70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की संभावना है, जो अधिकतम 80 किमी तक बढ़ सकती है।
बारिश और हवाओं का असर
पिछले 24 घंटों में बेलगहना में 30 मिमी और पिपरिया, कसडोल, अंतागढ़, छुईखदान व भिंभोरी में लगभग 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। रायपुर में अधिकतम तापमान 32.5°C और पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 19°C रिकॉर्ड हुआ।
चक्रवात की वजह
दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में एक गहरा सिस्टम बना हुआ है, जो चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके चलते 28 अक्टूबर को बस्तर संभाग के जिलों में तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।
अक्टूबर में अब तक हुई बारिश
मानसून के लौटने के बाद 1 से 26 अक्टूबर तक 89.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यह औसत 56.2 मिमी से लगभग 59 फीसदी अधिक है।
फसलों पर प्रभाव और किसानों को सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और बारिश से खेतों में खड़ी फसल खराब हो सकती है। जिन किसानों ने कटाई कर सुरक्षित भंडारण नहीं किया है, उनके लिए फसल भीगने का खतरा है। विभाग ने किसानों को फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और मौसम के अनुसार बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी है।