9 नवम्बर से कटेंगे टोकन, 123 केंद्रों में होगी खरीदी — संवेदनशील केंद्रों पर रखी जाएगी विशेष निगरानी
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 5 नवम्बर से शुरू होगी। जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर तैयारी का जायजा लेते हुए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को 15 नवम्बर से पहले सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और किसान हितैषी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
दुर्ग। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन में बी.आई.टी. कॉलेज दुर्ग में तीन पालियों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, नोडल अधिकारी, सहकारी समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 अक्टूबर तक सभी शेष किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर पूर्ण कर लिया जाए और 9 नवम्बर से टोकन वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए।
उन्होंने बताया कि जिले के कुल 123 धान खरीदी केंद्रों (नए और पुराने दोनों) में इस वर्ष खरीदी की जाएगी। सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अगले तीन दिनों में केंद्रों का निरीक्षण कर लें और जहां भी कमी हो, तत्काल सुधार सुनिश्चित करें।
कलेक्टर ने कहा कि संवेदनशील 36 केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पहली बार नियुक्त नोडल अधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने और धान खरीदी नीति का गहन अध्ययन करने को कहा गया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर सप्ताह धान की आवक, स्टॉक और रकबा समर्पण का मिलान अनिवार्य रूप से किया जाए। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि खरीदी केंद्रों में कोचिया या बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए। किसानों के दस्तावेजों और ऋण पुस्तिका की जांच अनिवार्य की गई है।
मिलर्स के साथ समन्वय बनाए रखने, समय पर धान उठाव सुनिश्चित करने और हमालों के भुगतान में देरी न होने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान करने की व्यवस्था करने को कहा।
प्रशिक्षण के दौरान खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने धान खरीदी के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष किसानों से धान उपार्जन के समय मोटा, पतला और सरना किस्मों के साथ उप-किस्मों का विवरण भी सॉफ्टवेयर में दर्ज किया जाएगा, ताकि सही वर्गीकरण हो सके।
उन्होंने बताया कि मिलर्स से केवल जूट बारदाने ही लिए जाएंगे, जिनमें 40 किलो धान भरा जाएगा। खरीदी केंद्रों में शेड, पेयजल, शौचालय, हेल्थ डेस्क और इलेक्ट्रॉनिक कांटे जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।