पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. जोति की देखरेख में कराए जाएंगे चुनाव, बीसीसीआई को दी गई सहयोग की जिम्मेदारी
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (JKCA) में पारदर्शिता और संगठनात्मक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए 12 सप्ताह के भीतर चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया की निगरानी पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ए.के. जोति करेंगे, जिन्हें भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
नई दिल्ली (ए)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ (JKCA) में लंबे समय से लंबित पड़े चुनावों को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया को 12 सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए, जिसकी निगरानी पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ए.के. जोति करेंगे।
प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि जेकेसीए का संविधान चाहे पंजीकृत हुआ हो या नहीं, चुनाव उसी संविधान में निर्धारित प्रविधानों के अनुरूप कराए जाएंगे।
पीठ ने बताया कि पूर्व सीईसी ए.के. जोति ने स्वयं चुनाव की निगरानी की जिम्मेदारी स्वीकार की है और इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए 12 सप्ताह का समय मांगा है। अदालत ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए समयसीमा निर्धारित कर दी।
सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के चुनावों के संचालन में पूर्व सीईसी को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करे, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो सके।
यह आदेश जेकेसीए में लंबे समय से जारी संगठनात्मक गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।