फेस्टिव सीजन खत्म, ग्लोबल टेंशन में कमी और प्रॉफिट बुकिंग से कीमतों में गिरावट; फिर भी सालभर में सोना ₹43,938 और चांदी ₹62,258 महंगी
त्योहारी सीजन के बाद सोना-चांदी की मांग धीमी पड़ते ही बाजार में लगातार तीसरे सप्ताह भी गिरावट देखने को मिली। 31 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच सोना ₹670 और चांदी ₹850 तक सस्ती हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू खरीदारी के थमने और ग्लोबल माहौल शांत होने से कीमतों में नरमी आई है।
नई दिल्ली (ए)। कीमती धातुओं के बाजार में इस हफ्ते भी मंदी का दौर जारी रहा। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार 31 अक्टूबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,20,770 थी, जो 7 नवंबर तक गिरकर ₹1,20,100 पर आ गई। यानी एक सप्ताह में सोना ₹670 सस्ता हुआ है। यह लगातार तीसरा सप्ताह है जब सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई है। इससे पहले 17 अक्टूबर को सोना ₹1,29,584 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। चांदी भी इसी रुझान के साथ नीचे आई है। पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन 1 किलो चांदी का भाव ₹1,49,125 था, जो इस सप्ताह 850 रुपए घटकर ₹1,48,275 प्रति किलो रह गया।
गिरावट के कारण: सीजनल बाइंग रुकी, ग्लोबल टेंशन शांत
विशेषज्ञों के अनुसार:
त्योहारी खरीदारी खत्म होने से घरेलू मांग में कमी आई है। दिवाली के बाद आम तौर पर सोना-चांदी की बिक्री धीमी पड़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव कम हुआ है, जिससे ‘सेफ-हेवन’ निवेश का प्रेशर भी घटा है। रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग का दौर शुरू हुआ। कई टेक्निकल संकेतक, जैसे RSI, पहले ही ओवरबॉट की स्थिति दिखा रहे थे, जिसके चलते ट्रेडरों ने बिकवाली तेज कर दी।
सालभर में दोनों धातुएं अब भी भारी महंगी
हालांकि पिछले तीन हफ्तों में गिरावट दिखी है, लेकिन साल 2024–25 में दोनों धातुएं बड़ी उछाल के साथ महंगी हुई हैं— सोना इस साल ₹43,938 रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2024 को सोना 76,162 रुपए पर था, जो अब बढ़कर 1,20,100 रुपए प्रति 10 ग्राम हो चुका है। वहीं चांदी ₹62,258 रुपए प्रति किलो महंगी हुई है। पिछले साल 86,017 रुपए प्रति किलो की दर से बिकने वाली चांदी अब 1,48,275 रुपए पर पहुंच गई है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि कीमतों में हालिया नरमी अस्थायी हो सकती है, क्योंकि वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की रणनीति के अनुसार जल्द ही बाजार नया मोमेंटम पकड़ सकता है।