प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 332 रिक्त पदों के मुकाबले आधे से कम पदों पर भर्ती, 35 विभागों में चयन प्रक्रिया शुरू
छत्तीसगढ़ में मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। पीएससी ने प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की स्थायी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। लंबे समय से लंबित नियमित नियुक्ति से फैकल्टी की कमी दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने चिकित्सा शिक्षा के ढांचे में मजबूती लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश लोक सेवा आयोग (PSC) ने 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोमवार को जारी विज्ञापन के अनुसार, आवेदन 25 नवंबर से लिये जाएंगे। यह नियमित भर्ती जून 2022 के बाद पहली बार हो रही है।
प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की भारी कमी लंबे समय से चिंता का विषय बनी हुई थी। कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के कुल 332 पद खाली हैं, जिनमें से इस चरण में केवल आधे से कम पदों पर भर्ती की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, 35 विभागों के क्लीनिकल, नॉन-क्लीनिकल और सुपर स्पेशलिटी शाखाओं में इन नियुक्तियों की प्रक्रिया चलेगी।
वहीं प्रोफेसरों के 117 और एसोसिएट प्रोफेसरों के 196 पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन ये प्रमोशन आधारित पद होने की वजह से सीधी भर्ती संभव नहीं है। विभाग के सीनियर प्रोफेसरों को डायरेक्टर प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति देने की तैयारी है, हालांकि प्रमोशन कब होगा, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कॉलेजों से भेजी गई फाइलें डीएमई कार्यालय में लंबित हैं।
प्रदेश में अगले साल कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और जशपुर में पाँच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खुलने वाले हैं। हालांकि वहां के सेटअप को अंतिम रूप दे दिया गया है, लेकिन फैकल्टी की भर्ती नहीं की गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि नए कॉलेजों के संचालन के लिए पुराने कॉलेजों से अस्थायी समायोजन किया जा सकता है, जिससे आगे और भर्ती की आवश्यकता पड़ेगी।
इधर सुपर स्पेशलिटी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए दो कार्डियोलॉजी असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 7 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती भी की जा रही है। इसमें मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, कार्डियो-थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी और कार्डियक एनेस्थेसिया के विशेषज्ञ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह नियुक्ति जगदलपुर और बिलासपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को ठेके पर देने की तैयारी के मद्देनज़र की जा रही है।